नई दिल्ली: शिवसेना ने मंगलवार को कहा कि भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के शिविर पर हुए हवाई हमले में मारे गए लोगों के बारे में जानने का अधिकार है और इस तरह की सूचना दे देने से सशस्त्र बलों का मनोबल कम नहीं होगा. शिवसेना ने अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा पर तंज कसते हुए अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा कि हवाई हमले पर चर्चा आगामी लोकसभा चुनावों तक चलती रहेगी और 14 फरवरी के पुलवामा हमले से पहले विपक्ष द्वारा उठाए गए ज्वलंत मुद्दे अब ठंडे बस्ते में चले गए हैं. Also Read - Covid-19 पर सियासी जंग: केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने पूर्व पीएम मनमोहन पर किया पलटवार, पत्र ट्वीट कर कसा ये तंज

पार्टी ने कहा, देश के नागरिकों को यह जनाने का अधिकार है कि सुरक्षा बलों ने दुश्मन को कितना और किस तरह का नुकसान पहुंचाया है. हमें नहीं लगता कि यह पूछने से हमारे बलों का मनोबल कम हो जाएगा. भारतीय वायु सेना के विमानों ने 26 फरवरी को पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर बम गिराए थे. जम्मू-कश्मीर के पुलावामा जिले में आतंकवादी संगठन द्वारा किए गए हमले के जवाब में ये हवाई हमले किए गए. पुलवामा हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे. Also Read - जब ऑक्सीजन टैंकर की पूजा करने में लग गए बीजेपी नेता और मंत्री, कांग्रेस ने बोला हमला

सरकार ने हवाई हमलों में मारे गए लोगों का आधिकारिक आंकड़ा अब तक नहीं दिया है लेकिन कुछ विपक्ष पार्टियां लगातार इसके सबूत मांग रही है. शिवसेना ने पूछा, पुलवामा हमले में इस्तेमाल किया गया 300 किलोग्राम आरडीएक्स आया कहां से? आतंकवादी शिविरों पर किए गए हवाई हमलों में कितने आतंकवादी मारे गए? इनपर चर्चा चुनाव के अंतिम दिनों तक होती रहेगी क्योंकि पुलवामा हमले से पहले मंहगाई, बेरोजगारी एवं राफेल विमान सौदा विपक्ष के लिए ज्वलंत मुद्दे थे. Also Read - बीजेपी चलाएगी 'अपना बूथ, कोरोना मुक्त' अभियान, JP Nadda ने दिए निर्देश

पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि इन मुद्दों पर मोदी सरकार का ‘बम’ गिर गया. उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 एवं किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दे “खाक हो गए. शिवसेना ने कहा कि भारतीय वायु सेना के 26 फरवरी के हवाई हमलों में मारे गए आतंकवादियों की संख्या के बारे में न सिर्फ विपक्ष पूछ रहा है बल्कि अमेरिका एवं ब्रिटेन जैसे देशों की मीडिया भी पूछ रही है.

गौरतलब है कि बालाकोट हमले में मारे गए आतंकवादियों की संख्या के बारे में चल रही चर्चा के बीच वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ने सोमवार को कहा कि इस बारे में जानकारी सरकार देगी और वायुसेना केवल यह देखती है कि निशाना लगा या नहीं. 26 फरवरी को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर भारतीय वायुसेना के हमले में मारे गए आतंकियों की संख्या पर अस्पष्टता के बीच धनोआ ने कहा कि वायु सेना मरने वालों की गिनती नहीं करती.

सरकारी सूत्रों ने कहा था कि हमले में 350 आतंकवादी मारे गए जबकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि हमले में 250 आतंकी मारे गए. मीडिया की कुछ खबरों में कहा गया है कि बहुत कम नुकसान हुआ और विपक्षी नेताओं ने स्थिति साफ करने की मांग की. लेकिन, इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

(इनपुट-भाषा)