नई दिल्ली: पहली बार दिल्ली के लोग जब्त की गई शराब को बाजार भाव से 25 फीसदी कम कीमत पर खरीद सकते हैं. सरकार ने जब्त की गई शराब को बेचने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं. बोतल पर लगे लेबल के जरिए शराब की पहचान की जा सकती है. इस लेबल पर ‘अधिकृत जब्त शराब’ लिखा होगा. सरकार के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि विदेशी और भारत में बनी विदेशी शराब को आबकारी और पुलिस अधिकारियों की छापेमारी में जब्त किया गया था. ऐसी शराब की जब्ती के सात दिन के अंदर संबद्ध प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और इसके बाद इसे बेचा जाएगा.

अबतक जब्त की गई शराब को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सरकारी अधिकारियों की मौजदूगी में नष्ट कर दिया जाता है. आबकारी विभाग की ओर से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के मुताबिक, चारों निगमें (सरकारी की एजेंसियां) कम से कम दो दुकानें निर्धारित करेंगी जिसमें से जब्त की गई एक में विदेशी शराब और दूसरे में भारत में बनी विदेशी शराब बेची जाएगी. अधिकारी ने बताया कि दिल्ली ऐसा पहला शहर होगा जहां जब्त की गई शराब को नष्ट नहीं किया जाएगा. पहले चरण में आठ दुकानों को जब्त शराब को बेचने की इजाजत दी जाएगी.

मोटे अनुमान के मुताबिक, आबकारी विभाग हर साल शराब की ढाई लाख से ज्यादा बोतलें जब्त करता है. वित्त वर्ष 2018-19 में 15 करोड़ रुपये की शराब जब्त की गई थी. जब्त की गई शराब में हरियाणा और पड़ोसी राज्यों से तस्करी करके लाई गई शराब तथा बारों और रेस्तरां में बिना परमिट के परोसी जाने वाली शराब शामिल है. अगर प्रयोगशाला में पुष्टि होती है कि जब्त की गई शराब मानव के पीने के लिए सही नहीं है तो सहायक आयुक्त इसको नष्ट करने के लिए आदेश जारी करेंगे.

(इनपुट भाषा)