नई दिल्ली: नागिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) लोकसभा के बाद अब राज्य सभा में भी बहुमत से पास हो चुका है. इस विधेयक के खिलाफ पूर्वोत्तर भारत में प्रदर्शन जोर पकड़ने लगा है. असम में इस प्रदर्शन का शिकार खुद वहां के मुख्यमंत्री हो चुके हैं. इस उग्र विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी (Narendra Modi) ने असम के लोगों के नाम ट्वीट कर एक संदेश जारी किया है. पीएम ने ट्वीट में नागरिकता बिल को लेकर असम में रह रहे लोगों को आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा है कि इस बाबत उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है.

पीएम मोदी ने कुछ देर पहले असम में हो रही हिंसा और तनाव को लेकर ट्वीट किया. प्रधानमंत्री ने लिखा- मैं असम के अपने भाइयों और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उन्हें नागरिकता संशोधन विधेयक 2017 के पारित होने के बाद चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई भी आपके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और अद्भुत संस्कृति को नहीं छीन सकता है। यह जारी रहेगा. पनपता और बढ़ता रहेगा. पीएम ने दूसरे ट्वीट में कहा कि केंद्र सरकार और मैं खंड 6 की भावना के अनिसार असमिया लोगों के राजनीतिक, भाषाई, सांस्तिक और भूमि अधिकारों को संवैधानिक रूप से संरक्षित करने लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.

बता दें कि देश के पूर्वोत्तर हिस्से में प्रदर्शन लगातार तोज होती जा रही है. बीते दिनों त्रिपुरा बाजार में आग लगा दी गई थी. साथ ही 48 घंटों के लिए प्रशासन द्वारा त्रिपुरा ने मोबाइल इंटरनेट और फोन सेवा को बंद कर दिया गया है. असम में भी हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. इस बिल के खिलाफ बड़े पैमाने पर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के डिब्रूगढ़ स्थित आवास पर बुधवार की रात पथराव किया गया. डिब्रूगढ़ के उपायुक्त पल्लव गोपाल झा ने कहा कि मुख्यमंत्री के लखीनगर इलाके में बने घर पर पत्थर फेंके गए.