नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा कि अगले साल के हज के लिए आगामी 10 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जो 10 नवंबर तक चलेगी. उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि कश्मीर के लोग आसानी से हज के लिए आवेदन कर सकेंगे जहां पिछले दो महीने से सुरक्षा से जुड़ी कई पाबंदियां लागू हैं.

हज-2019 के पूरा होने एवं अगले हज के संदर्भ में तैयारियों हेतु समीक्षा बैठक के बाद नकवी ने कहा, ‘‘ इस बार हज प्रक्रिया शत प्रतिशत ऑनलाइन/डिजिटल होगी. हज यात्रा के लिए आवेदन 10 अक्टूबर से 10 नवंबर तक स्वीकार किये जायेंगे. सभी हज यात्रियों को ई-वीजा की सुविधा दी गयी है. मोबाइल ऐप के जरिये भी हज के लिए आवेदन किया जा सकता है.’’ उन्होंने कहा कि कहा कि इस वर्ष हज यात्रियों को सभी प्रकार की जानकारी मुहैया कराने एवं पूरी हज प्रक्रिया में मदद करने के लिए 100 लाइन का सूचना केंद्र हज हाउस, मुंबई में शुरू किया जा रहा है.

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नकवी ने कहा, ‘‘ हज ग्रुप ऑर्गनाइजर (एचजीओ) के लिए पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया एक नवंबर से शुरू होगी जो एक दिसंबर तक चलेगी. हज प्रक्रिया जल्द शुरू करने से भारत एवं सऊदी अरब में हज के इंतजाम बेहतर तरीके से हो सकेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले वर्ष देश भर में 21 इम्बार्केशन पॉइंट्स (प्रस्थान स्थल) थे, वहीं हज 2020 के लिए एक नया इम्बार्केशन पॉइंट विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में शुरू किया जायेगा. इस प्रकार हज 2020 के लिए देश भर के 22 इम्बार्केशन पॉइंट्स के जरिये भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर जायेंगे.’’

मंत्री ने कहा, ‘‘हज 2019 कई मायनों में ऐतिहासिक एवं पिछले कई वर्षों में अब तक का सबसे सफल हज रहा. भारत के इतिहास में पहली बार रिकॉर्ड 2 लाख भारतीय मुसलमानों ने 2019 में बिना किसी सब्सिडी के हज यात्रा की. यही नहीं, हज यात्रा पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को 5 प्रतिशत कर दिया गया जिससे 2019 में हज यात्रियों को 113 करोड़ रूपए से ज्यादा की बचत हुई.’’

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