पुदुकोट्टाई : समाज सुधारक और द्रविड़ आंदोलन के प्रतीक ई. वी. रामास्वामी‘पेरियार’की एक प्रतिमा मंगलवार को पास के गांव में क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली. पुलिस ने बताया कि अज्ञात लोगों ने किसी औजार से प्रतिमा की गर्दन तोड़ दी थी और उसे गोलचक्कर के पास रख दिया था. सूचना मिलने पर पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए. गौरतलब है कि इससे पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है. Also Read - राहुल गांधी का 'मन की बात' पर निशाना, कहा- पीएम मोदी किसानों की बात करते तो बेहतर होता

पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और प्रतिमा को सुबह आठ बजे तक उसके वास्‍तविक रूप में स्थापित कर दिया गया था. द्रविड़ कड़गम नेता के. वीरमणि ने 2013 में प्रतिमा का अनावरण किया था जिसकी देखरेख पार्टी की जिला इकाई करती थी. Also Read - भाजपा-संघ की सोच के अनुसार दलितों-आदिवासियों नहीं मिलनी चाहिए शिक्षा: राहुल गांधी

क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना होने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. पुलिस ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया है.

इधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐसी घटनाओं के लिए भाजपा एवं आरएसएस पर आरोप लगाया है. राहुल ने कहा कि भाजपा एवं आरएसएस ने अपने कार्यकर्ताओं को उनकी विचारधारा का विरोध करने वाले पेरियार जैसे लोगों की प्रतिमाएं तोड़ने का संकेत दिया है.

राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘जब भाजपा एवं आरएसएस ने त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा को गिराने को प्रोत्साहित किया तो उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को उनकी विचारधारा का विरोध करने वाले पेरियार जैसे लोगों की प्रतिमाएं तोड़ने का संकेत दिया. पेरियार महान समाज सुधारक थे जिन्होंने दलितों के लिए संघर्ष किया.’’