नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद स्थल से लगी अविवादित जमीन पर मौजूद नौ प्राचीन मंदिरों में पूजापाठ की इजाजत की मांग करने वाली एक याचिका खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा, आप इस देश को कभी शांति से नहीं रहने देंगे. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा, वहां हमेशा ही कुछ होगा.

शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के 10 जनवरी के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करने के दौरान यह कहा. दरअसल, उच्च न्यायालय ने वहां नौ मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए उसकी सहमति मांगने वाली एक याचिका खारिज कर दी थी और याचिकाकर्ता को खर्च के तौर पर पांच लाख रुपये भी भरने का निर्देश दिया था.

शीर्ष न्यायालय ने अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता पंडित अमरनाथ मिश्रा को इस मुद्दे पर कुरेदना बंद करना चाहिए. सामाजिक कार्यकर्ता मिश्रा ने उच्च न्यायालय के समक्ष दावा किया था कि अधिकारी प्राचीन मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां शुरू किए जाने के प्रति आंखें मूंदे हुए हैं. ये मंदिर अयोध्या में कब्जे में लिए गए, लेकिन अविवादित भूमि पर हैं. बता दें कि शीर्ष न्यायालय ने इस भूमि विवाद के हल के लिए हाल ही में मध्यस्थों का एक पैनल नियुक्त किया था.