नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय से पूरा देश हर्षित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले के सकारात्मक हल के लिए पहल की जिससे ‘‘हमारे देश की महान परंपरा’’ कायम रही. शाह ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘कल शाम मैंने प्रधानमंत्री की सलाह पर गजपति महाराज जी (पुरी के राजा) और पुरी के शंकराचार्य जी से बात की और यात्रा को लेकर उनके विचारों को जानकर प्रधानमंत्री को अवगत कराया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह प्रधानमंत्री के निर्देश पर सॉलिसिटर जनरल से भी बातचीत की.’’ Also Read - बीजेपी का दावा- अमित शाह की वजह से दिल्ली में काबू में हुआ कोरोना, मोर्चा संभालने का हुआ असर

वहीं ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि वे इस रथ यात्रा को कराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने कहा, “मैं रथयात्रा के संचालन की अनुमति देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं. मैं सहयोग के लिए केंद्र सरकार को भी धन्यवाद देता हूं. ओडिशा सरकार और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन रथ यात्रा आयोजित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि COVID19 के समय रथ यात्रा को रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण है. तीन मंत्री बिना किसी रुकावट के रथयात्रा को सुनिश्चित करने के लिए पुरी में होंगे. Also Read - Liquor price: इस राज्य सरकार ने शराब के दाम में की भारी कटौती, 50 % तक हटाई गई कोरोना फीस, अब इतने में मिलेगी एक बोतल

उन्होंने कहा, “हमें रथयात्रा के दौरान निलाद्री बिजे (मंदिर के चारों ओर एक जुलूस पर जगन्नाथ मंदिर देवता की मूर्ति ले जाते हुए धार्मिक नेता) तक बेहद सावधान रहना होगा. मुझे उम्मीद है कि यात्रा में शामिल सभी प्रतिभागी COVID दिशानिर्देशों का पालन करेंगे.” ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि दुनिया हमारी तरफ देख रही होगी. हमें अनुशासन और सामाजिक दूरी बनाकर दुनिया के लिए एक उदाहरण स्थापित करना है. Also Read - डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बताया- दूरदर्शी नेता

इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘‘आज का दिन हम सबके लिए, खासकर ओडिशा के लिए बहनों और भाइयों तथा महाप्रभु श्री जगन्नाथ के श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास है. समूचा देश रथयात्रा का आयोजन सुनिश्चित करने के माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय से हर्षित है.’’

शाह ने कहा, ‘‘यह मेरे साथ-साथ देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हर्ष की बात है कि प्रधानमंत्री ने न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझा, बल्कि इस मामले का सकारात्मक हल निकले, इसके लिए तुरंत प्रयास शुरू किए, जिससे हमारी यह महान परंपरा कायम रही.’’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मामले की गंभीरता और महत्ता को देखते हुए इसे उच्चतम न्यायालय की अवकाश पीठ के सामने रखा गया. दोपहर बाद इसकी सुनवाई हुई और यह सुखद फैसला हम सबके सामने आया. ओडिशा के लोगों को बहुत-बहुत बधाई. जय जगन्नाथ!’’

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को संकेत दिया कि वह पुरी में 23 जून से प्रस्तावित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के आयोजन की अनुमति दे देगा. न्यायालय ने कहा कि वह रथयात्रा के आयोजन का बारीकी से प्रबंधन नहीं कर सकता है और इसलिए यह काम केन्द्र, राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन के विवेक पर छोड़ेगा.

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को ओडिशा सरकार ने सूचित किया कि वह मंदिर प्रबंधन और केन्द्र के साथ तालमेल कर रथ यात्रा के आयोजन के दौरान चीजों को सुगम बनाएगी.

केन्द्र ने भी पीठ को सूचित किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता किए बिना राज्य सरकार और मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से रथयात्रा का आयोजन किया जा सकता है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वह ओडिशा में अन्य स्थानों के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ पुरी में ही रथयात्रा के आयोजन की अनुमति देने के मुद्दे पर ही विचार कर रहा है.

शीर्ष अदालत ने 18 जून को अपने आदेश में कहा था कि कोविड-19 महामारी के चलते वह जनस्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल पुरी में रथयात्रा की अनुमति नहीं दे सकता और ‘‘यदि हम अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें कभी क्षमा नहीं करेंगे.’’

(इनपुट भाषा)