नई दिल्ली: कोरोना (Corona Virus) के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स और मेडिकल टीम कोरोना से बचे रहें, इसके लिए उन्हें पीपीई किट (Personal protective equipment) मुहैया कराई जा रही हैं. पीपीई किट के बिना डॉक्टर भी कोरोना का शिकार हो रहे हैं. इसलिए डॉक्टर्स के लिए पीपीई किट का इंतज़ाम किए जा रहे हैं. हाल ही में चीन ने जिन पीपीई किट भेजकर भारत की मदद की, वही खराब हैं.Also Read - अमेरिका में कोविड-19 सम्मेलन: PM मोदी ने कहा- भारत में 20 करोड़ लोगों का पूरी तरह टीकाकरण हुआ, दुनिया की मदद भी की

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय की सूत्रों के मुताबिक़ 63 हजार पीपीई किट ऐसी हैं, जो ठीक नहीं हैं. ये किट्स मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं. यदि इन किट्स को पहन डॉक्टर कोरोना के मरीजों का इलाज करते हैं तो उन्हें मुश्किल हो सकती है और कोरोना की चपेट में आ सकते हैं. ऐसे में ये किट्स पहनना डॉक्टर्स के लिए सुरक्षित नहीं है. Also Read - कोविशील्ड को मान्यता नहीं: भारत ने ब्रिटेन को चेताया, कहा- हम भी उठा सकते हैं ऐसा ही कदम

बता दें कि पीपीई किट की इस समय पूरी दुनिया में भारी मांग है. पूरी दुनिया में कोरोना फैला हुआ है. चीन में कोरोना का कहर थम गया है. ऐसे में चीन ने पीपीई किट की भारत के लिए सप्लाई की थी. करीब पांच लाख पीपीई किट भारत भेजी गई थीं. पीपीई किट आने से राहत की सांस ली गई थी. लेकिन इनमें से कई किट्स खराब निकली हैं. Also Read - UP Unlock News: यूपी में बदले कोरोना से जुड़े नियम, कार्यक्रम कराने से पहले ज़रूर जान लें

कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के दौरान कई डॉक्टर भी इसकी चपेट में आ गए. ऐसे पीपीई किट पहन अगर वह इलाज करते हैं तो मेडिकल स्टाफ के संक्रमित होने की आशंका बेहद कम हो जाती है. देश के अस्पतालों में डॉक्टर्स के पास पीपीई किट नहीं थी, इससे मेडिकल स्टाफ डर में इलाज कर रहे थे. डॉक्टर्स द्वारा लगातार पीपीई किट की मांग की जा रही थी.