नई दिल्ली. 15 फरवरी को हरियाणा में अमित शाह की रैली पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पेंच फंसा सकता है. अमित शाह की रैली के खिलाफ एनजीटी में एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका के जवाब में एनजीटी ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी से जवाब मांगा है. अमित शाह की इस रैली में बाइक रैली भी होगी जिसमें 1 लाख मोटरसाइकिलें शामिल होने का अनुमान है. इस बाइक रैली से बड़े पैमाने पर प्रदूषण होने की संभावना है. Also Read - कोरोना से मौत के लिए मुआवजा नीति की मांग वाली याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसके लिए अलग नीति

एनजीटी में दायर याचिका में मांग की गई कि एक लाख मोटरसाइकिल से वायु प्रदूषण होगा. एनजीटी ने मामले की गंभीरता से लिया है और हरियाणा सरकार को 13 फरवरी तक पूरे मामले पर जवाब देने को कहा है. इसकी अगली सुनवाई 13 फरवरी को ही होगी. वहीं, शाह की रैली को लेकर हरियाणा सरकार ने कमर कस ली है. राज्य की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ने शाह के आगामी दौरे को देखते हुए केंद्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल (CAPF) की 150 कंपनियां मांगी हैं. Also Read - Vikas Dubey Encounter Case: SC ने जांच आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ याचिका खारिज की

जाट समुदाय करेगा विरोध
उधर, शाह को जाट समुदाय का विरोध भी झेलना पड़ सकता है. जाट समुदाय ने शाह के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का ऐलान कर रखा है. हाल ये है कि पुलिस विभाग को अपने कर्मचारियों की छुट्टी तक कैंसिल करनी पड़ी हैं. एक वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी ने एक अंग्रेजी अखबार को जानकारी दी कि सरकार द्वारा CAPF की जो टुकड़ियां मंगाई गई हैं वो राज्य में 18 फरवरी तक रह सकती हैं. Also Read - शरजील की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 10 दिन बाद

बता दें कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्‍व में ये घोषणा की है कि वह जींद में शाह के दौरे को बाइक की रैली कर रोकेगी. विरोध पर अड़े प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्‍टर-ट्रॉली में बैठकर जींद पहुंचने की योजना बनाई है.