नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सात सदस्यीय बड़ी पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया. न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पूर्व में सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय दो संवैधानिक पीठों द्वारा जारी आदेशों में कोई परस्पर विरोध नहीं पाया गया, जैसा कि कुछ याचिकाओं में बताया गया था. Also Read - हथियारों के जखीरे के साथ आतंकी अरेस्ट, नए आतंकी संगठन ने कहा- बाहर का जो कश्मीर में बसेगा, मारा जाएगा

परिणाम स्वरूप शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि मामले को सात सदस्यीय पीठ के पास भेजने की कोई जरूरत नहीं है. याचिकाकर्ताओं ने पूर्व में प्रेमनाथ कौल तथा संपत प्रकाश के आदेशों में विरोधाभास बताया था. Also Read - मोदी सरकार 2.0 का 1 साल पूरा: गृह मंत्रालय की उपलब्धियों में शामिल है लॉकडाउन, अनुच्छेद 370 समाप्त करना

शीर्ष अदालत ने 23 जनवरी को इस मामले पर अपना आदेश सुरक्षित कर लिया था कि मामले की याचिकाओं को बड़ी सात सदस्यीय पीठ के पास भेजना है या नहीं. केंद्र सरकार ने पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय कर दिया था. Also Read - J&k: कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, दो आतंकी हुए ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी