नई दिल्ली. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवा को पेट्रोल-डीजल के दामों में 2.50 रुपये की कमी करने का ऐलान किया. वित्तमंत्री ने कहा कि 1.50 रुपये उत्पाद शुल्क में की गई कटौती से कम हुए हैं, जबकि एक रुपये प्रति लीटर का बोझ पेट्रोलियम का खुदरा काम करने वाली सरकारी कंपनियां वहन करेंगी. इसके बाद एक के बाद एक 11 बीजेपी शासित राज्यों ने 2.5 रुपये प्रति लीटर वैट में कटौती की है. ऐसे में इन 11 राज्यों के लोगों को 5 रुपये का फायदा मिला है.

बता दें कि वित्तमंत्री ने राज्यों से अपील की थी कि वे भी वैट में कटौती करके जनता को राहत दें. इसके बाद सबसे पहले गुजरात के सीएम ने 2.5 रुपये वैट कटौती की घोषणा की. विजय रुपानी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दी. इसके बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी 2.5 रुपये की कटौती की. ऐसे में इन दोनों राज्यों में कुल 5 रुपये की कटौती हुई. हालांकि, महाराष्ट्र में सिर्फ पेट्रोल पर यह छूट मिली है. डीजल पर कोई रियायत नहीं बरती गई है.

11 राज्यों में कम
इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, त्रिपुरा, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, और हरियाणा ने भी वैट में कटौती करते हुए तेल के दामों में राहत दी है. इस तरह से अब तक 11 राज्यों में तेल की कीमतों में 5 रुपये की कमी हुई है. बता दें कि इन सभी राज्यों में बीजेपी की सरकार है.

केरल का इनकार
वित्तमंत्री के अपील और एक के बाद एक 11 राज्यों द्वारा वैट में कटौती करने के बाद भी ये उम्मीद की जाने लगी कि बाकी के राज्यों में भी इस तरह की वैट में छूट की खबर आएगी. लेकिन केरल ने इससे साफ तौर पर इनकार करते हुए कहा कि राज्य अभी ऐसा करने की स्थिति में नहीं है. वित्त मंत्री ने कहा कि हमने कुछ दिन पहले ही वैट में छूट दी थी.

बिहार कर रहा है चिट्ठी का इंतजार
वहीं, बीजेपी के साथ बिहार में गठबंधन की सरकार चला रही जेडीयू ने अभी स्थिति साफ नहीं की है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अभी वित्तमंत्रालय से किसी तरह का पत्र नहीं मिला है. उसे देखने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा.

केजरीवाल ने बताया धोखा
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने आम लोगों के साथ धोखा किया है. उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी पर 10 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था और कटौती सिर्फ डेढ़ रुपये की हुई है. उन्होंने कहा कि केंद्र को तेल के दामों में कम से कम 10 रुपये की कटौती करनी चाहिए थी.