नई दिल्ली| बाज़ार के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव का फैसला पूरे देश में शुक्रवार (16 जून) से लागू हो गया है. तीन सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों के आधार पर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों के रोज निर्धारण का निर्णय लिया है. Also Read - लगातार चौथे दिन बढ़े पेट्रोल, डीजल के दाम

अब पूरे देश में हर रोज़ पेट्रोल-डीज़ल के लिए नई कीमत चुकानी पड़ेगी. इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन का कहना है कि इस योजना के तहत ये तय किया जाएगा कि ग्राहकों को सही कीमत पर पेट्रोल और डीजल मिल सके. Also Read - Petrol, diesel prices cut again this month

इस योजना की ख़ास बातें

    1. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव हर रोज़ सुबह 6 बजे होगा, जो अगले दिन सुबह 6 बजे तक बना रहेगा. यानी 24 घंटों के लिए तय किए दाम बने रहेंगे. अभी तक कीमतों में बदलाव हर 2 हफ्ते बाद आधी रात को किया जाता था.
    2. इस फैसले को पूरे देश में लागू करने से पहले डेढ़ महीने तक 5 शहरों में लागू किया गया था. इन शहरों में उदयपुर, जमशेदपुर, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और विशाखापट्टम शामिल हैं. पायलट प्रॉजेक्ट का विस्तार करते हुए अब इसे पूरे देश में लागू किया गया है.
    3. हर रोज़ पेट्रोल डीज़ल के नए दाम की जानकारी आपको एसएमएस के जरिये मिल सकती है. इसके लिए आपको RSP लिखकर एक स्पेस के बाद डीलर कोड लिखना होगा और इस मैसेज को 9224992249 पर भेजना होगा.

  1. इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मोबाइल ऐप पर भी आपको पेट्रोल डीज़ल की कीमत की जानकारी मिलेगी. ऐप में एक मैप होगा जिसमें आपके आसपास के पेट्रोल पंप दिखेंगे, इनपर क्लिक करके नई कीमत की जानकारी मिलेगी.
  2. पेट्रोल डीज़ल की तीन कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के पंपों में कीमतों में फर्क हो सकता है. ये फर्क 15 पैसे प्रति लीटर तक का हो सकता है.
  3. देश की सबसे बड़ी ऑइल रिटेलर कंपनी इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुताबिक, उसके सभी 26000 डीलरों को कीमतों के बदलाव की जानकारी देने के लिए ख़ास ट्रेनिंग दी जाएदी ताकि ग्राहकों को कीमतों के बारे में गलत जानकारी न मिले.
  4. अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी फर्क रहेगा क्योंकि पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स जैसे पेट्रोल, डीजल, कच्चा तेल, जेट फ्यूल और नैचरल गैस को अस्थायी तौर पर जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है.