नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को रूस में और तेल एवं गैस क्षेत्रों में हिस्सेदारी देने की मांग की और रिफाइनिंग और पेट्रोरसायन कारोबार में निवेश का आह्वान किया. वह तीन दिन की यात्रा पर रूस गये हैं. प्रधान ने रूस की तेल कंपनी रोसनेफ्ट के अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें निवेश का न्यौता दिया. उन्होंने रूसी मंत्रियों से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच सहयोग पर चर्चा की.

 

पेट्रोलियम मंत्री ने बैठक के बाद ट्विटर पर लिखा कि रोसनेफ्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले डिप्टी सीईओ डी कासमीरो, व्यापार विकास प्रमुख क्रिस्ज जीलिसकी और नयारा एनर्जी के सीईओ आनंद से मुलाकात की. उनके साथ तेल एवं गैस क्षेत्र में सहयोग की संभावना और भारत में खोज एवं उत्पाद तथा रिफाइनिंग क्षेत्रों में रूसी विशेषज्ञता के उपयोग के उपायों पर चर्चा हुई. रोसनेफ्ट की अगुवाई वाले समूह ने 2017 में एस्सार ऑयल को 12.9 अरब डॉलर में खरीदा था. कंपनी वाडीनार में 2 करोड़ टन क्षमता की रिफाइनरी चलाती है और देश में उसके 5,500 पेट्रोल पंप हैं. उसके बाद से एस्सार ऑयल का नाम नयारा एनर्जी है.

प्रधान ने रोसनेफ्ट को भारत में रिफाइनिंग और पेट्रोरसायन कारोबार में नया निवेश करने का निमंत्रण दिया. वह रूस के अधिकारियों से भी मिले और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की. एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि रूस के उद्योग और व्यापार मामलों के उप-मंत्री विक्टर एवतुकोव से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की. उन्होंने रूस के उप-प्रधानमंत्री और फार ईस्टर्न फेडरल डिस्ट्रिक्ट्स आफ रूस के लिये राष्ट्रपति के दूत यूरी पी ट्रुटनेव के साथ भी बैठक की.

प्रधान ने ट्विटर पर लिखा कि हमने ऊर्जा और इस्पात क्षेत्र में भारत और सुदूर-पुर्व रूस के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना पर चर्चा की. साथ ही रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र से धात्विक कोयला और कच्चा तेल लेने के लिये सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की. भारत देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिये सुदूर पूर्व रूस में तेल और गैस क्षेत्र चाहता है. उन्होंने कहा कि ट्रुटनेव के साथ बातचीत में हमने रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र में तेल एवं गैस और इस्पात क्षेत्रों में भारत के संभावित निवेश पर भी चर्चा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सितंबर की रूस यात्रा से पहले प्रधान मास्को गये हैं. ब्लादीवोस्तक में पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में मोदी मुख्य अतिथि होंगे. यह बैठक 4-6 सितंबर को होगी.