नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि तेल की कीमतों का निर्धारण तेल कंपनियां करती हैं और उसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है. पेट्रोलियम मंत्री ने बुधवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में एक पैसे की कमी को लेकर विपक्ष के ताने पर सफाई देते हुए यह स्पष्टीकरण दिया.प्रधान ने यह भी कहा कि पहली बार नहीं है जब कीमतों में एक पैसे की कमी या बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, उन्‍होंने यह भी बताया कि शुरुआत में 50-60 पैसे प्रति लीटर की कमी वाली जानकारी एक कर्मचारी की गलती का नतीजा थी. मैं यह गलती स्‍वीकार करता हूं. Also Read - स्वच्छता ही सेवा : पीएम मोदी ने दिल्ली के स्कूल में की सफाई, भाजपा नेता अलग-अलग जगहों पर हुए शामिल, देखें VIDEO और तस्वीरें

बाजार तय करता है कीमत

उन्होंने कहा, “पिछले कुछ साल से पेट्रोल की कीमत बाजार द्वारा तय होती है और दैनिक कीमतों का निर्धारण पिछले साल से हो रहा है. सरकार कीमतों का निर्धारण नहीं करती है.” प्रधान ने कहा, “सरकार कीमतों पर निगरानी तब रखती है जब उसपर अनुदान देती है लेकिन आज तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार कीमतें तय करने के लिए स्वतंत्र हैं. सरकार की नीति संबंधी रूपरेखा के अलावा कीमत पर निगरानी में कोई भूमिका नहीं है.”

पेट्रोल की कीमतों में एक पैसे प्रति लीटर की कमी पर कांग्रेस ने साधा निशाना, बताया सरकार का बचकाना मजाक

करीब चार रुपए बढ़ने के बाद हुई एक पैसे प्रति लीटर की कमी

इससे पहले बुधवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने पेट्रोल और डीजल का दाम एक पैसा प्रति लीटर घटाया. हालांकि पहले तकनीकी गड़बड़ी के कारण कंपनी की वेबसाइट पर 50-60 पैसे प्रति लीटर की कमी अंकित हो गई थी, जिसे बाद में सुधारा गया. गौरतलब है कि पिछले 16 दिनों में तेल की कीमतों में करीब चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद एक पैसा प्रति लीटर की कमी आई है.

संघ के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी के जाने की खबर से कांग्रेस में हाहाकार, लगा रहे गुहार

कांग्रेस ने बताया था भद्दा मजाक

कांग्रेस ने सरकार की आलोचना करते हुए इसे लोगों के साथ मजाक बताया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिए कहा, “प्रिय प्रधानमंत्री, आपने आज पेट्रोल और डीजल का दाम एक पैसा घटाया। एक पैसा?? अगर आपका विचार मजाक करने का है तो यह बचकानी बात है और इसका स्वाद नीरस है. पीएस : एक पैसे की कटौती मेरे द्वारा आपको पिछले सप्ताह दी गई चुनौती का अनुपयुक्त जवाब है.”

मायावती ने खाली किया बंगला, स्पीड पोस्ट से भेजी चाबी, किया ये ‘खेल’

अंतरराष्‍ट्रीय कूटनीति से जुड़ी है ऊर्जा सुरक्षा

हालांकि प्रधान ने कहा कि तेल अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी है और इसकी कीमतें विभिन्न घटकों से तय होती हैं, जिनमें तेल के उत्पादन का परिमाण, अंतरराष्ट्रीय बाजार और राजनीति, तेल कंपनियां और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए कर शामिल हैं. उन्होंने कहा, “मैंने कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी है. ईरान और अमेरिका के बीच ईरान पर लगाये गए प्रतिबंध को लेकर झगड़ा और वेनेजुएला के संकट के कारण कीमतों में इजाफा हुआ. जब हम ऊर्जा सुरक्षा की बात करते हैं तो हमें अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखना होता है.”

2019 में सरकार गठन में तेदेपा की होगी अहम भूमिका, लेकिन मैं पीएम पद का उम्‍मीदवार नहीं: चंद्रबाबू नायडू

केरल की ओर से शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक रुपया प्रति लीटर की कटौती करने के लिए इनपर लगाए जाने वाले कर का त्याग करने के मसले पर प्रधान ने कहा कि केरल सबसे ज्यादा कर संग्रहकर्ता राज्यों में शामिल है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को तेल की कीमतों में कटौती करनी चाहिए मगर हर राज्य की अपनी सीमाएं व प्राथमिकताएं हैं.