नई दिल्ली: दवा कंपनी माईलैन एनवी को भारतीय दवा नियंत्रक से घरेलू बाजार में रेमडिसिविर उतारने और विनिर्माण की अनुमति मिल गयी है. कंपनी ने सोमवार को जानकारी दी कि इस दवा को कोविड-19 के सीमित और आपात इलाज में उपयोग करने की इजाजत होगी. Also Read - यूएई में फंसे भारतीयों के लिए अच्छी खबर, वीजा जुर्माना किया गया माफ

कंपनी ने एक बयान में कहा कि इसकी प्रत्येक 100 मिलीग्राम शीशी की कीमत 4,800 रुपये होगी. यह इस माह से मरीजों के लिए बाजार में उपलब्ध होगी. कंपनी ने इसके उत्पादन के लिए घरेलू दवा कंपनी सिप्ला और हेटेरो के साथ गठजोड़ किया है. इन दोनों कंपनियों को इसके उत्पादन और विपणन के लिए दवा नियंत्रक डीसीजीआई से अनुमति मिल चुकी है. Also Read - कोरोना संकट के बीच भारत में कब से खुलेंगे स्कूल? इस दिन से शुरू हो सकती हैं सीनियर क्लासेस

माईलैन ने कहा कि कंपनी की 100 मिलीग्राम रेमडिसिविर की शीशी को देश में कोविड-19 के सीमित इलाज में उपयोग की अनुमति मिली है. यह दवा अस्पताल में भर्ती उन वयस्कों और बच्चों पर उपयोग की जा सकेगी जिनमें कोरोना वायरस के गंभीर लक्षण हैं. Also Read - India Coronavirus Update Today: देश में संक्रमण के 56,282 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या 20 लाख के करीब

बयान के मुताबिक भारत में इसे ‘डीसरेम’ ब्रांड नाम के तहत उतारा जाएगा. यह जुलाई में भारतीय बाजार में उपलब्ध हो जाएगी. इसकी कीमत 4,800 रुपये प्रति शीशी होगी जो इसके ब्रांडेड संस्करण से 80 प्रतिशत से भी अधिक सस्ती है. इसका ब्रांडेड संस्करण विकसित देशों की सरकार को उपलब्ध है.

(इनपुट भाषा)