Fact Check Viral News: हाल ही में, एक समाचार रिपोर्ट में दावा किया गया कि केंद्र सरकार पूरे भारत के सभी सरकारी स्कूलों के निजीकरण की योजना बना रही है, जो खबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है. एक हिंदी अखबार में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी सरकार देश के सभी सरकारी स्कूलों का निजीकरण करना चाहती है. हालांकि, दावे के विपरीत, सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है. Also Read - केंद्र सरकार जल्द ही कर सकती है सबसे बड़े राहत पैकेज का ऐलान, जानिए आपको क्या होगा फायदा

फर्जी खबर का हवाला देते हुए, “PIB Fact Check ने #FakeNews के साथ ट्वीट किया है. पीआईबी ने लिखा है ”कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह दावा किया जा रहा है कि पूरे देश में सरकारी स्कूलों का निजीकरण किया जाएगा। यह दावा फर्जी है, इस बारे में सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। Also Read - शरद पवार का Farm Bill 2020 पर बयान, बोले- सरकार की नीयत सही, लेकिन जल्दीबाजी क्यों

पीआईबी ने कहा है कि विशेष रूप से, निजीकरण कुछ राज्य की कल्याणकारी सेवाओं को गैर-राज्य या निजी पार्टियों शिक्षण संस्थाओं को चलाने की अनुमति देने की एक प्रक्रिया है. जिसमें शिक्षा का निजीकरण मौद्रिक लाभों के लिए निजी संस्थानों द्वारा शैक्षणिक संस्थानों को चलाने की अनुमति देना है. इस तरह से कॉलेजों और स्कूलों के निजीकरण के बारे में ये अफवाहें और चर्चाएं ठीक नहीं हैं. इस बारे में कोई ठोस निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है.

सरकार ने  इस तरह की गलत सूचना के बारे में चेतावनी दी है और लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ विश्वसनीय स्रोतों पर विश्वास करें.िसके साथ ही प्रेस सूचना ब्यूरो ने इंटरनेट पर प्रचलित गलत और नकली समाचारों पर अंकुश लगाने के लिए दिसंबर 2019 में इस तथ्य-जाँच शाखा को लॉन्च किया था.  इसका उद्देश्य “सरकार की नीतियों और विभिन्न सामाजिक मीडिया प्लेटफार्मों पर घूम रही योजनाओं से संबंधित गलत सूचनाओं की पहचान करना” था.