नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो का सबसे बड़ा मजलिस पार्क-साउथ कैंपस मेट्रो रूट पिंक लाइन के इस हफ्ते से शुरू होने की संभावना है. मेट्रो के अधिकारियों के अनुसार कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरसी) ने लगभग 20 किलोमीटर लंबी लाइन 7 (पिंक लाइन) के तीसरे फेस का निरीक्षण पूरा कर लिया है. यह लाइन दिल्ली के उत्तरी और उत्तरी पश्चिमी क्षेत्रों को शहर के पश्चिमी हिस्से से जोड़ेगी. इस रूट के शुरू होने से पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली से आने वाले लोगों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए कम समय लगेगा.Also Read - Delhi Metro Alert: मयूर विहार से शिव विहार के बीच यात्रा में होगी देरी, जानें क्या है विकल्प

मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को कुछ दिनों के भीतर सीएमआरएस की मंजूरी मिलने की संभावना है, जिसके बाद यह लाइन जनता के लिए खोल दी जाएगी. इस कोरिडोर में चार इंटरचेंज स्टेशनों सहित कुल 12 स्टेशन हैं, जिसमें मजलिस पार्क, आजादपुर, शालीमार बाग, नेताजी सुभाष प्लेस, शकूरपुर, पंजाबी बाग (पश्चिम), ईएसआइ अस्पताल, राजौरी गार्डन, मायापुरी, नारायणा विहार, दिल्ली कैंट व दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन शामिल है. Also Read - Delhi-Meerut corridor: दिल्ली-मेरठ स्पीड कॉरिडोर होगा भारत का पहला RRTS सिस्टम, जानें क्या है इसकी खासियत

इस कोरिडोर पर चलने वाली ट्रेनें धौला कुआं पर 23.6 मीटर (लगभग 7 मंजिल की इमारत जितनी ऊंचाई) की ऊंचाई पर चलते हुए मजलिस पार्क से साउथ कैंपस तक पहुंचेगीं. पूरी तरह से शूरू होने के बाद यह लाइन डीएमआरसी की सारी छह लाइनों को जोड़ेगी. इस लाइन पर बने दस इंटरचेंज स्टेशन के कारण अन्य इंटरचेंज स्टेशन खास तौर पर राजीव चौक पर यात्रियों की भीड़ कम होगी, जो कि दिल्ली का सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ वाला मेट्रो स्टेशन है. शुरुआत में इस लाइन के चार इंटरचेंज स्टेशन ही शुरू किए जाएंगे. पिंक लाइन का यह कोरिडोर येलो लाइन से आजादपुर पर, रेड लाइन से नेताजी सुभाष प्लेस पर, ब्लू लाइन से रोजौरी गार्डन पर और एयरपोर्ट लाइन से धौला कुआं पर जुड़ेगा. Also Read - Delhi: शिरोमणि अकाली दल का कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध मार्च, दो मेट्रो स्‍टेशनों के गेट बंद, सुरक्षा बढ़ी

चलेंगी बिना ड्राइवर वाली ट्रेनें
59 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन पर दौड़ने वाली मेट्रो में कोई चालक नहीं नहीं रहेगा. पिछले साल जून में इस लाइन पर बिना चालक वाली मेट्रो का परीक्षण किया गया था. यह लाइन मजेंटा लाइन (जनकपुरी वेस्ट-बॉटनिकल गार्डन) के बाद दूसरी लाइन होगी, जहां ट्रेनें बिना ड्राइवर के चलेंगी. ड्राइवरविहीन ट्रेनों को यूटीओ (अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशंस) के नाम से जाना जाता है.