नई दिल्ली: उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि लोकल प्रोडक्ट के लिए वोकल बनने से भारत आत्मनिर्भर बनेगा. केंद्रीय मंत्री गोयल ने राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश के उपभोक्ताओं से लोकल प्रोडक्ट के लिए वोकल बनने की अपील की. पीयूष गोयल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के पहले से ही रेलवे और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.Also Read - PMRBP: आज प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से 'मुलाकात' करेंगे पीएम मोदी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए उद्योग और उपभोक्ता दोनों को अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता जब बेहतर गुणवत्ता की देसी वस्तुओं और सेवाओं के प्रति जागरूक होंगे तो उद्योग भी गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं के उत्पादन के प्रति उत्साहित होंगे. Also Read - जानिए क्या है Teleprompter और कैसे करता है काम? जिसे लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कसा तंज

इसी साल लागू हुए नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि इस कानून के माध्यम से उपभोक्ताओं को विशेष अधिकार दिया गया और उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित की गई है. उन्होंने उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों के प्रति उन्हें जागरूक करने की दिशा में केंद्र एवं राज्यों की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब देश का उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगा और अच्छी क्वालिटी की वस्तुओं की मांग करेगा, साथ ही सही कीमत की बात करेगा तो उद्योग और व्यापार पर नियंत्रण रहेगा. Also Read - Azadi Ka Amrit Mahotsav: ‘आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर’ कार्यक्रम की हुई शुरुआत, पीएम मोदी ने किया संबोधित

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत में उपभोक्ता संरक्षण का संदर्भ अथर्ववेद में भी मिलता है. उन्होंने बताया कि अथर्ववेद में कहा गया है कि वस्तुओं की गुणवत्ता और नापतौल में गड़बड़ी मंजूर नहीं होगी.

उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है. उन्होंने उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के प्रति उनको जागरूक करने के संदर्भ में कहा कि उपभोक्ताओं को महसूस होना चाहिए कि उनके हितों की चिंता की जा रही है.