नई दिल्ली. पिछले साल डोकलाम में शुरू गतिरोध खत्म होता नहीं दिख रहा है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के सूत्रों के अनुसार, पीपुल्स लिबरेश आर्मी (पीएलए) ने भारतीय डोकलाम सैन्य चौकी के 1.3 किमी के क्षेत्र में नई सड़क का निर्माण कर रही है. इस वैकल्पिक रास्ते से पीएलए की पहुंच दक्षिण डोकलाम के जमफेरी रिज तो हो जाएगी, जोकि भारत की दृष्टि से ठीक नहीं है. बता दें कि जमफेरी रिज का क्षेत्र भारत के लिए काफी संवेदनशील है. Also Read - कश्मीर में भारत 22 अक्टूबर को मनाएगा 'काला दिवस', 1947 में पाकिस्तान ने घाटी में कराई थी हिंसा

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन यह सड़क सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई जंक्शन के पास बना रहा है. वह डोकलाम सैन्य चौकी के चारों चरफ काम करने का प्रयास कर रहा है. इस 1.3 किमी लंबे रोड से वह जेमफेरी रिज तक पहुंच बनाना चाहता है. बता दें कि पिछले साल 73 दिन तक चले गतिरोध में चीन की कुछ ऐसी ही कोशिश रही थी. Also Read - कॉल सेंटर घोटालेबाज: कनाडा में छात्रों को ठग रहा था भारतीय, कई और इसमें शामिल

अधिकारियों के मुताबिक, चीन डोकलाम के क्षेत्र या बिजिंग और थिंपू के विवादित जगह को हड़पना चाहता है. बता दें कि पहले भारत पीएलए के डोकलाम में पेट्रोलिंग पर आपत्ति नहीं दर्ज कराता था. लेकिन पिछले साल पीएलए ने जमफेरी रिज के पास सड़क निर्माण की कोशिश कर पीएलए ने यथास्थिति को प्रभावित करने की कोशिश की. Also Read - चीन को जवाब! मालाबार युद्धाभ्यास में अमेरिका और जापान के अलावा अब ऑस्ट्रेलिया भी होगा शामिल

चीन ने डोकलाम में उस जगह के पास अपने करीब 500 सैनिकों को तैनात कर रखा था जहां 73 दिन तक भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध बना हुआ था. इस इलाके से करीब 10 किलोमीटर दूर चीन ने एकसूत्रों ने कहा कि डोकलाम में चीन अपने सैनिकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ा रहा था. भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम में 16 जून से 73 दिन तक गतिरोध की स्थिति बनी रही थी. इससे पहले भारत की सेना ने चीन की सेना द्वारा विवादित क्षेत्र में एक सड़क के निर्माण पर रोक लगा दी थी. गतिरोध के दौरान भूटान और भारत एक दूसरे से संपर्क में रहे.