असम के जोरहाट में क्रैस हुए IAF के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट में 5 जवान शहीद, लैंडिंग के बाद बन गया आग का गोला

Assam Plane Crash: भारतीय वायुसेना ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि AN-32 एक ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट जो लैंडिंग के बाद हादसे का शिकार हो गया.

Written by: Parinay Kumar
Updated: June 13, 2026, 3:21 PM IST

Assam Plane Crash: असम के जोरहाट में शनिवार (जून, 13, 2026) को बड़ा हादसा हुआ है. जोरहाट एयरबेस पर भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का परिवहन विमान क्रैश हो गया, जिसमें 5 जवान शहीद हो गये. भारतीय वायुसेना ने हादसे पांच जवानों के जान गंवाने की पुष्टि की है. IAF ने बयान जारी कर पांच जवानों के शहीद होने पर दुख जताया है. IAF ने बताया कि हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सबसे बड़ा बलिदान दिया.

हादसे की वजह से विमान दो टुकड़ों में बंट गया और वहां से आग और धुएं का गुबार उठता दिखा. इसके तुरंत बाद ही एयरफोर्स स्टेशन पर राहत और बचान अभियान शुरू कर दिया गया था. IAF ने कहा, ‘यह AN-31 कार्गो प्लेन था, जिसका इस्तेमाल सामान पहुंचाने के लिए किया जाता था. यह हादसा तब हुआ जब प्लेन एयरबेस पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था.

रक्षा मंत्री ने जताया दुख

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, ‘असम के जोरहाट में An-32 हादसे में 5 एयर वॉरियर्स के खोने से बहुत दुख हुआ. स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने ड्यूटी करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. देश के लिए उनकी हिम्मत और सेवा को हमेशा गर्व और आभार के साथ याद किया जाएगा. दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. दुख की इस घड़ी में देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है.’

AN-31 कार्गो प्लेन में कई खासियत

एंटोनोव AN-32 एक मज़बूत, दो इंजन वाला टर्बोप्रॉप मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है जो इंडियन एयर फ़ोर्स के ‘वर्कहॉर्स’ के तौर पर काम करता है. इसे सबसे पहले सोवियत यूनियन में खास तौर पर भारतीय जरूरतों के हिसाब से बनाया गया था, IAF इनमें से लगभग 100 एयरक्राफ्ट का बेड़ा चलाता है. AN-32 को बहुत मुश्किल माहौल में बेहतरीन काम करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है, जो ज्यादा ऊंचाई वाले एयरफील्ड और गर्म ट्रॉपिकल मौसम में भी पूरी तरह से काम करता है. यह 7.5 टन तक कार्गो, 50 पैसेंजर या 42 पैराट्रूपर्स को ले जा सकता है और इसका इस्तेमाल दूर-दराज के इलाकों में सप्लाई ड्रॉप के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है.

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