नई दिल्ली: देश में करोना वायरस के मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. अब यह संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है. इन्हीं हालातों से कोरोना वायरस के शुरूआत के ही दिनों पर पीएम केयर्स फंड को बनाया गया था. इसमें लोग अपने मन मुताबिक पैसों का दान कर सकते थे. इन पैसों का इस्तेमाल कोरोना संक्रमण से बचाव व इससे जुड़े कामों के लिए खर्च करना था. इस बीच पीएम केयर्स फंड को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस कड़ी में अब सरकार द्वारा नया फैसला लिया गया है. इस फैसले के मुताबिक अब पीएम केयर्स का ऑडिट कराया जाएगा, इसके लिए सरकार की तरफ से एख स्वतंत्र ऑडिटर की नियुक्ति भी की जा चुकी है. Also Read - एसिड पिलाने का मामला: पुलिस की धीमी जांच से नाराज कोर्ट ने कहा-ऐसा लग रहा है कि आरोपी को बचाया जा रहा है

बता दें कि मोदी सरकार द्वारा सभी विवादों, सवालों और अदालती मामलों के बीच स्वतंत्र ऑडिटर की नियुक्ति कर दी गई है. ऑडिटर अब पीएम केयर्स फंड की जानकारी को अपडेट करेगा. वहीं पीएमओ के दो अधिकारी मानद आधार पर फंड का संचालन करेंगे. गौरतलब है कि बीते दिनों पीएम केयर्स फंड की जानकारी के लिए RTI दाखिल किया गया था. हालांकि इस दौरान सरकार ने यह कहकर जानकारी देने से मना कर दिया कि पीएम केयर्स फंड RTI के दायरे में नहीं आता है. Also Read - कैप्टन अमरिंदर बोले- पीएम केयर्स फंड में चीनी कंपनियों से प्राप्त धन वापस करे केंद्र

बता दें कि आरटीआई आवेदनों में पूछे जा रहे कुछ सवालों के जवाब पीएम केयर्स फंड की वेबसाइट पर दिया गया है. यहां से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम केयर्स फंड 27 मार्च के दिन एक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत हुआ था. इसका कार्यालय पीएमओ दफ्तर यानी साउथ ब्लॉक में स्थित है. बता दें कि पीएम केयर्स फंड को दिल्ली हाईकोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट दोनों ही जगहों पर चुनौती दी गई थी. इस कारण सरकार ने अब ऑडिटर की नियुक्ति का फैसला लिया है. Also Read - कांग्रेस का बड़ा आरोप- पीएम केयर्स फंड में TikTok सहित कई चीनी कंपनियों से लिए गए करोड़ों रुपए