नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के आगे श्री नहीं लगाए जाने पर बीएसएफ जवान की सैलरी काटे जाने के मामले में खुद पीएम ने खुद संज्ञान लिया. इसके बाद जवान की सैलरी काटने का आदेश रद्द कर दिया गया. पीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए बीएसएफ को जवान की सैलरी काटने के आदेश को रद्द करने को कहा था. बीएसएफ ने अपने आधिकारिक ट्वीट में जानकारी दी कि पीएम मोदी ने इस सजा को रद्द करने का आदेश दिया है. Also Read - PM Narendra Modi Address to Nation Full Speech: कोरोना और नवरात्रि, ईद, छठ से लेकर कबीर के दोहा तक, पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

नियमित अभ्यास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति असम्मान दिखाने वाले बीएसएफ के एक जवान को बल ने सात दिन की वेतन कटौती का दंड दिया था.  लेकिन प्रधानमंत्री ने आज BSF को निर्देश दिया कि वह तत्काल यह आदेश वापस ले जिसके बाद जवान को राहत मिली. पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में तैनात बीएसएफ की15 वीं बटालियन के कॉन्स्टेबल संजीव कुमार को उनके कमांडिंग अफसर( सीओ) ने21 फरवरी को सुबह के अभ्यास के दौरान मोदी प्रोग्राम जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने का दोषी पाया था. इकाई के सीओ कमांडेंट अनूप लाल भगत ने आदेश जारी कर प्रधानमंत्री के प्रति असम्मान जताने के लिए जवान पर सात दिन का वेतन जुर्माना लगाया जिसका मतलब है वेतन में से एक हफ्ते के पैसे की कटौती. Also Read - पीएम मोदी बोले- भारत ने सबसे पहले लगाया लॉकडाउन इसलिए आ रही करोना के मामलों में कमी

बीएसएफ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ‘पीएम ने इस मामले पर नाखुशी जाहिर की और जवान को सजा के तौर पर सैलरी काटने के फैसले को वापस लेने का आदेश दिया है. बीएसएफ ने ट्वीट में कहा कि जवान को सजा देने वाले कमांडेंट को भी मामले पर न्यायपूर्ण रुख नहीं अपनाने के लिए चेतावनी दी गई है. बीएसएफ जवान संदीप कुमार की सात दिन की सैलरी इसलिए काट दी गई थी क्योंकि उसने पीएम के नाम के आगे श्री नहीं लगाया था. कमांडिंग ऑफिसर अनूप लाल भगत ने इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए संदीप को बीएसएफ एक्ट के सेक्शन 40 के तहत दोषी करार दिया था.

अधिकारियों ने बताया कि जीरो परेड या अपनी आधिकारिक गतिविधियों के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने वाली रिपोर्टिंग असेंबली के दौरान जवान ने एक कार्यक्रम का जिक्र किया जिसमें वह शामिल हुआ था. इस कार्यक्रम को उसने मोदी कार्यक्रम कहा. उन्होंने बताया कि सीओ ने प्रधानमंत्री के प्रति जवान के इस संदर्भ को अनुचित पाया और उसके खिलाफ जांच का आदेश दिया. अधिकारियों ने बताया कि जांच एक दिन में पूरी हो गई और इसमें कॉन्स्टेबल कुमार को दोषी माना गया.

(भाषा इनपुट)