नई दिल्ली: सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत छोटे किसानों के खातों में इसी महीने से धन डालना शुरू कर देगी. आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने बजट बाद इंटरव्यू में यह जानकारी दी. गर्ग ने कहा कि किसानों को न्यूनतम आय समर्थन इसी महीने से मिलना शुरू हो जाएगा क्योंकि लाभार्थियों के आंकड़े पहले ही तैयार हैं. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बजट भाषण में इस योजना की घोषणा की थी. इस योजना के तहत दो हेक्टेयर जोत तक वाले किसानों को सालाना 6,000 रुपये का न्यूनतम समर्थन दिया जाएगा. यह राशि उनके खातों में तीन किस्तों में डाली जाएगी.

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 12 करोड़ किसानों को योजना के तहत धन देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. गर्ग ने कहा, ‘इस योजना को एक दिसंबर, 2018 से क्रियान्वित करने का फैसला किया गया है. चालू वित्त वर्ष में इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये की जरूरत है. इसके लिए बजट में आवंटन किया गया है. जमीन का रिकॉर्ड भी उपलब्ध है. हमारे पास छोटे और सीमान्त किसानों की सभी सूचनाएं उपलब्ध हैं. गर्ग ने बताया कि सरकार ने पिछले साल कृषि गणना 2015-16 जारी की थी. ज्यादातर राज्य इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रिकॉर्ड रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग अब इस रिकॉर्ड के जरिये उन परिवारों की पहचान करेगा जिन्हें इस योजना के तहत मदद दी जानी है.

संसद का मौजूदा बजट सत्र 13 फरवरी तक चलेगा. गर्ग ने बताया कि पीएम-किसान योजना को पहले ही मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है. इस तरह योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक विभाग की आवश्यक मंजूरी भी हासिल हो चुकी है. वहीं आम बजट में खेती किसानी को प्रोत्साहन देने के लिए किये गये प्रावधानों की सराहना करते हुए कृषक संगठन ‘भारतीय कृषक समाज’ ने कहा है कि किसानों की ओर पहली बार इतना ध्यान दिया जा रहा है और केंद्र सरकार की ओर से पहली बार गरीब और छोटे किसानों के खाते में सुनिश्चित आय भेजी जा रही है.

अंतरिम बजट 2019-20 में कृषि क्षेत्र संबंधी प्रावधानों के बारे में पेश हैं संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णबीर चौधरी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार छोटे और गरीब किसानों के खाते में कैश ट्रांसफर किया जाएगा. यह वही किसान हैं जो दवाओं और खेती की छोटी मोटी जरूरतों के लिए मामूली नकदी के मोहताज होते हैं. उन्होंने कहा कि खेती के साथ साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें सहायक गतिविधियां अपनाने की खातिर प्रोत्साहित करने की मंशा के साथ सरकार पशुपालन और मत्स्यपालन करने वाले किसानों को उनके किसान क्रेडिट कार्ड पर दो प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है. इसके लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाना एक विशेष कदम है.

(इनपुट-भाषा)