PM Mementos Auction: गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के डीएम सुहास एल वाई (Noida DM Suhas LY) ने टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा है. सुहास ऐसा कारनामा करने वाले देश के एकमात्र IAS अधिकारी हैं. सुहास के नाम एक उपलब्धि तभी जुड़ गई थी जब उन्होंने पैरालंपिक में बैडमिंटन स्पर्धा में हिस्सा लिया था. टोक्यो पैरालंपिक के मेंस सिंगल्स एसएल-4 कैटिगिरी में सुहास एल यथिराज (Suhas LY) का सामना फ्रांस के लुकास मजूर से हुआ था. फाइनल में सुहास ने पहला राउंड जीता, लेकिन अगले दो राउंड में उन्हें हार मिली. जिससे वह गोल्ड से चूक गए लेकिन उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया.Also Read - Tokyo Olympics में हारकर भी इतिहास रचने वाली भवानी देवी की तलवार हो सकती है आपकी! जानें पाने का तरीका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सुहास एल यथिराज को ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘सेवा और खेल का एक शानदार संगम! DM गौतमबुद्ध नगर सुहास यतिराज ने अपने असाधारण खेल प्रदर्शन से हमारे पूरे देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया है. बैडमिंटन में रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई. उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं.’ Also Read - Tokyo Paralympics 2020: भारत ने जीते 5 गोल्ड, 8 रजत और 6 ब्रॉन्ज मेडल, ये हैं हमारे पदकवीर

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जिस बैडमिंटन रैकेट से सुहास ने इतिहास रचा उसे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर दिया. अब जबकि प्रधानमंत्री को मिले उपहारों का ई-ऑक्शन शुरू हो चुका है. सुहास का बैडमिंटन भी उस सूची में शामिल हो गया है, जिनका ऑक्शन हो रहा है. ऑक्शन 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगा. सुहास की उपलब्धि की इस निशानी को आप भी हासिल कर सकते हैं. इसके लिए आपको www.pmmementos.gov.in पर लॉग इन कर ई-ऑक्शन में हिस्सा लेना होगा. आपके द्वारा मिली राशि का उपयोग नमामि गंगे परियोजना में किया जाएगा. ई-ऑक्शन में DM सुहास के रैकेट का बेस प्राइज 50 लाख रखा गया है.

बता दें कि सुहास एल वाई का जन्म कर्नाटक के शिमोगा में हुआ. जन्म से ही दिव्यांग सुहास शुरुआत में IAS नहीं बनना चाहते थे. वह बचपन से ही खेल के प्रति बेहद दिलचस्पी रखते थे. इसके लिए उन्हें पिता और परिवार का भरपूर साथ मिला. 2007 में उत्तर प्रदेश कैडर से IAS बनने के बाद जहां उन्होंने कई विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए मेडल जीते वहीं प्रयागराज और नोएडा के जिलाधिकारी की भी जिम्मेदारियां निभाईं.