Independence Day PM Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने लाल किले (Red Fort) की प्राचीर पर झंडा फहराने के बाद देश को 7वीं बार संबोधित किया. देश में जारी कोरोना संकट (Coronavirus) को ध्यान में रखते हुए लाल किले पर सोशल डिस्टेसिंग का खास ध्यान रखा गया था. पीएम ने राष्ट्र के संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि कोरोना के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेको लोग, चौबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर जाएंगे. एक बहुत बड़ा पर्व हमारे सामने है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा जताया कि 130 करोड़ देशवासियों की संकल्प शक्ति से भारत कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग जीतेगा. Also Read - Mann Ki Baat: पीएम नरेंद्र मोदी बोले- कठिन समय में कृषि क्षेत्र ने दिखाया दमखम, जानें भाषण की अहम बातें

पीएम मोदी ने कहा कि गुलामी का कोई कालखंड ऐसा नहीं था जब हिंदुस्तान में किसी कोने में आजादी के लिए प्रयास नहीं हुआ हो, प्राण-अर्पण नहीं हुआ हो. विस्तारवाद की सोच ने सिर्फ कुछ देशों को गुलाम बनाकर ही नहीं छोड़ा, बात वही पर खत्म नहीं हुई. भीषण युद्धों और भयानकता के बीच भी भारत ने आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी. Also Read - लंबे समय से बीमार पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन- PM मोदी ने जताया शोक

उन्होंने कहा कि आज आजादी का पर्व वीर शहीदों को याद करने करने का दिन है. उनको याद करते हुए नए संकल्प लेना है. जब आजादी के 75 साल मना रहे होंगे तो अपने संकल्पों का भी पर्व मनाएंगे. गुलामी के इतने लंबे कालखंड में हर क्षेत्र से आजादी को लेकर ललकत उठी है. गुलामी के दौर में भारत की आत्मा को कुचलने की कोशिश की गई. हमारी संस्कृति को मिटाने के लिए शाम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल हुआ. कुछ लोगों को लगता था कि वे यहां राज करने वाले हैं. उन लोगों कि इतनी विविधिता वाला देश कभी एक होकर लड़ नहीं पाएगा. लेकिन जब देश पूरी ताकत के साथ एक साथ सामने आया तो आजादी हासिल कर ली. Also Read - पीएम मोदी का दुनिया को भरोसा- भारत की टीका उत्पादन क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालेगी

पीएम मोदी ने कहा कि हम उस दौर के जानते हैं जब विस्तारवादी लोगों ने झंडे गाड़ने में लगे हुए हैं उस समय भारत आजादी केंद्र बन गया. विस्तारवादी लोगों ने दुनिया को दो-दो विश्वयुद्ध में झोंक दिया. लेकिन भारत ने पूरी दुनिया में आजादी के लिए माहौल बनाया. भारत विस्तारवाद के लिए चुनौती बन गया.

पीएम मोदी ने कहा कि आज देश अनेक नए कदम उठा रहा है. हमने भारत को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया है और भारत आत्मनिर्भर बनकर रहेगा. पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था, जब हमारी कृषि व्यवस्था बहुत पिछड़ी हुई थी. तब सबसे बड़ी चिंता थी कि देशवासियों का पेट कैसे भरे. आज जब हम सिर्फ भारत का ही नहीं, दुनिया के कई देशों का पेट भर सकते हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ इंपोर्ट को कम करना ही नहीं है, बल्कि हमारे सामर्थ्य के आधार पर अपने कौशल को बढ़ाना है, उस स्किल को आगे बढ़ाना भी है. आत्मनिर्भर भारत में कई चुनौतियां होंगी, लेकिन अगर ये चुनौतियां हैं तो देश के पास करोड़ों समाधान देने वाली शक्ति भी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें केवल आयात कम करना नहीं है, बल्कि उससे आगे जाना है.

पीएम मोदी ने कहा कि अब हमें मेक इन इंडिया’ के साथ-साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ मंत्र के साथ आगे बढ़ना होगा. उन्होंने कहा कि देश को कोरोना के प्रभाव से बाहर निकालने की आज हमारी पहली प्राथमिकता रहेगी. पीएम ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ शब्द नहीं बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है.

पीएम ने कहा कि सिर्फ कुछ महीने पहले तक N-95 मास्क, PPE किट, वेंटिलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे. आज इन सभी में भारत, न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है. उन्होंने कहा कि कौन सोच सकता था कि कभी देश में गरीबों के जनधन खातों में हजारों-लाखों करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर हो पाएंगे? उन्होंने कहा कि कौन सोच सकता था कि किसानों की भलाई के लिए APMC एक्ट में इतने बड़े बदलाव हो जाएंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में परिवर्तन के इस काल में रिफॉर्म को दुनिया देख रही है. बीते वर्ष, भारत में FDI ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. भारत में FDI में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. कोरोना काल में दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रूख कर रही हैं. ये विश्वास ऐसे ही नहीं आया है.

उन्होंने कहा कि आजाद भारत की मानसिकता होनी चाहिए – ‘वोकल फॉर लोकल’. हमारे जो स्थानीय उत्पाद हैं उसका हमें गौरवगान करना चाहिए. हम अपनी चीजों का गौरवगान नहीं करेंगे तो उसको अच्छा बनने का मौका नहीं मिलेगा, उसकी हिम्मत नहीं बढ़ेगी.