नई दिल्ली। अंतरिक्ष में भारत की एक और छलांग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को छोड़ सार्क देशों के बाकी 6 नेताओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रूबरू हुए. उन्होंने इस दिन को दक्षिण एशिया के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. आज ही भारत ने दक्षिण एशियाई सैटेलाइट GSAT 9 लान्च किया है जिससे सार्क देशों के बीच संपर्क बढ़ने सहित कई फायदे होंगे.

शाम साढ़े पांच बजे मोदी ने नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, श्रीलंका, मालदीव्स, बांग्लादेश को बधाई दी. वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान इन सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद थे. पीएम ने कहा कि इसे लांच से दक्षिण एशिया को फायदा होगा. दक्षिण एशिया के लिए ये एक ऐतिहासिक दिन है. इस लांच के साथ ही हमने अपनी साझेदारी की एक नई यात्रा शुरू कर दी है. हम दक्षिण एशिया के देशों का एक संगठित परिवार हैं. शांति, विकास और समृद्धि में संगठित हैंं.


बता दें कि इस सैटेलाइट की मदद से प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग की जा सकेगी, टेली मेडिसिन, शिक्षा में सहयोग बढ़ेगा. भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सुनामी की दशा में संवाद-लिंक का माध्यम होगी. यह अंतरिक्ष आधारित टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल में मदद करेगा. इसमें भागीदारी देशों के बीच हॉटलाइन उपलब्ध करवाने की भी क्षमता है.

बीते रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मोदी ने घोषणा की थी कि दक्षिण एशिया उपग्रह अपने पड़ोसी देशों को भारत की ओर से कीमती उपहार होगा. मोदी ने कहा था कि पांच मई को भारत दक्षिण एशिया उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा. इस सैटेलाइट को कूटनीतिक स्तर पर भारत के मास्टर स्ट्रोक की तरह देखा जा रहा है.

इससे पहले संचार उपग्रह जीएसएटी-8 का प्रक्षेपण 21 मई 2011 को फ्रेंच गुएना के कोउरो से हुआ था.