नई दिल्ली: कृषि क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकी के उपयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनका स्पष्ट मत है कि किसान को कोई आगे नहीं ले जाता बल्कि किसान ही देश को आगे ले जाता है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि खेत में कोई चीज खराब नहीं होती बल्कि कचरे को भी कंचन बनाया जा सकता है.

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ में आयोजित कृषि कुंभ को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने, कृषि लागत कम करने एवं लाभ बढ़ाने की दिशा में प्रतिबद्धता से काम कर रही है.

पीएम ने कहा, ‘‘हम बिजली और डीजल पर चलने वाले पम्पों को सोलर पंप में बदलने की ओर आगे बढ़ रहे हैं. बिजली या डीजल पर चल रहे पम्पों को सौर ऊर्जा से बदलने का व्यापक अभियान चल रहा है. इसके तहत आने वाले चार वर्षों में देश भर में 28 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने का अभियान है.’’ मोदी ने कहा कि इससे किसानों को मुफ्त बिजली मिलेगी. दूसरा ज़रूरत के अतिरिक्त अगर बिजली पैदा होती है तो बिजली वितरण कंपनियों को बेच पाएंगे.

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उन्होंने कहा कि एक समय था जब किसान अन्नदाता था लेकिन आज उसके ऊर्जा दाता बनने की संभावना पैदा हो गई है. इस अभियान से किसान के जीवन में परिवर्तन आएगा. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ कल जो हमारा किसान अन्नदाता था, उसकी आज ऊर्जा दाता भी बनने की सम्भावना पैदा हो गई है.’’

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उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले कृषि उन्नति मेले के दौरान मैंने किसान मेला लगाने की सलाह दी थी. इसका ही विस्तार कृषि कुम्भ के तौर पर दिख रहा है. उन्होंने कहा कि प्रयागराज में लगने वाले कुम्भ में अभी कुछ महीने बाकी हैं लेकिन यूपी की धरती पर एक और कुम्भ आज से शुरू हो गया. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने पहली बार आलू खरीदने का भी फैसला किया है.