नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (27 अगस्त) को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिये लोगों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग आस्था के नाम पर कानून एवं व्यवस्था हाथ में लेते हैं और हिंसा पर उतारू हो जाते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. मोदी के इस बयान को हरियाणा हिंसा के संदर्भ में जोड़कर देखा जा रहा है. मोदी ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध, महात्मा गांधी और सरदार पटेल की धरती है और यहां हिंसा स्वीकार्य नहीं है. Also Read - 47th G7 Summit: पीएम मोदी ने 47वें जी-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र को किया संबोधित, दिया 'वन अर्थ, वन हेल्थ' का मंत्र

मोदी ने शुक्रवार को हुई हिंसा का कोई जिक्र नहीं किया. मोदी ने अपने मासिक रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ में कहा कि जब हम हिंसा के बारे में सुनते हैं तो चिंतित होना, प्राकृतिक है. जो लोग कानून हाथ में लेकर हिंसा करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, फिर चाहे व कोई भी हो. मोदी ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी को भी आस्था के नाम पर कानून एवं व्यवस्था को हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. जहां से भी हिंसा की खबर आती है तो तनाव होना लाजिमी है. हमारे कानून में हर आदमी को न्याय पाने का हक है. ऐसे लोगों को कानून जरूर सजा देगा. Also Read - स्टालिन ने तमिलनाडु के मुद्दों पर चर्चा के लिए पीएम मोदी से 17 जून का समय मांगा, जानिए क्या हैं मुद्दे

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– आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं. कानून हाथ में लेने का हक किसी को नहीं. मैंने लाल किले से भी कहा था कि आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी. चाहे आस्था संप्रदायिक की हो, राजनीतिक विचारधाराओं की आस्था हो, किसी व्यक्ति हो या समूह के प्रति आस्था हो, किसी को हिंसा का अधिकार नहीं है.

-त्योहारों के मौसम में हिंसा की खबरें आना चिंता पैदा करता है. देश को यकीन दिलाना चाहता हूं कि कानून दोषियों को सजा देकर रहेगा. न्याय पाने का सभी को हक है. हिंसा ना देश बर्दाश्त करेगा ना ही सरकार. संविधान में सभी को कानून मिलने का अधिकार है. कानून जिम्मेदारी करेगा.

-सभी देशवासियों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं.

-केरल में इस समय ओणम मनाया जा रहा है. लोगों में प्रेम-विश्वास पैदा करता है.

-हमारे त्योहार पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. हम इस पर और सोचना होगा.

-त्योहार हमारे लिए आस्था का विषय तो है ही, इसे स्वच्छता का पर्व बनाना है.

-स्वच्छता सिर्फ घर ही नहीं, गांव, शहरों में भी जरूरी है.

-गुजरात में बाढ़ के बाद सद्भाव का उदाहरण, जमीयत उलेमा हिंद ने 22 मंदिरों और 3 मस्जिदों की सफाई की.

-स्वच्छता ही सेवा है, की एक मुहिम चलाएं, हम सभी जुड़ें. इसे दीवाली, नवरात्रि, दुर्गा पूजा की शुरुआत मानें.

-मैं सभी को 2 अक्तूबर को महात्मा गांधी के जन्मदिन से पहले स्वच्छता पर एक अभियान चलाने की अपील करता हूं.

-मैं आपका आभार जताना चाहता हूं कि आपने मन की बात कार्यक्रम के साथ देश के हर कोने से लाखों लोग जुड़ जाते हैं. लाखों लोग मुझे पत्र लिखते हैं, फोन पर संदेश देते हैं. देश के जन जन के मन को जानने के लिए मेरे लिए बहुत बड़ा अवसर है.

-आपकी हर बात से मुझे बहुत सीखने को मिलता है. नई बातें सीखने के लिए आपकी छोटी छोटी बातें काम आती है. इसके लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं.

-हम रिक्शावालों, सब्जीवालों जैसे मेहनतकश लोगों के साथ मोलभाव करने लगते है. बड़े रेस्तरां-शोरूम में मोलभाव नहीं करते. गरीब की मेहनत पर शक ना करें.

-29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन है. 29 अगस्त को खेल दिवस है. युवी पीढ़ी खेल से जुड़े. आज के बच्चे घर आते ही मोबाइल पर जुट जाते है. मां को तब कहना पड़ता है- बेटा बाहर कब खेलने जाओगे?

-देश में खेल का माहौल बनाएं, इसे उत्सव की तरह मनाएं. कंप्यूटर नहीं, खुले मैदान में खेलें.

-मुझे ऐसी बेटियों से मिलने का मौका मिला जिन्होंने एक बोट में पूरे विश्व का भ्रमण किया. समुद्र में साहस के साथ हमारी ये 6 बेटियां दुनिया घूमकर आई. किस देशवासी को इन पर नाज नहीं होगा.

-5 सितंबर को हम शिक्षक दिवस मनाते हैं. इस दिन बदलाव का संकल्प लें. राधाकृष्णन राष्ट्रपति रहते हुए भी शिक्षक बने रहे. वह शिक्षा के प्रति समर्पित थे.  आइए, टीच, ट्रांसफर मंत्री के साथ आगे बढ़ें.

– प्रधानमंत्री जनधन योजना पूरे विश्व में आर्थिक जगत के गुरुओं की चर्चा का विषय रहा है. 28 अगस्त 2014 को इसे लागू किया गया था. 30 करोड़ की आबादी से इसे जोड़ा गया है. कल इसे तीन साल पूरे हो जाएंगे. गरीब भाई बैंक जाने लगा है. पैसों की बचत करने लगा है. अब संयम का माहौल बना है. बैंक में पैसा होने से उसे लगने लगा है कि आने वाले वक्त में  पैसा बच्चों के काम आएगा. आने वाले दिनों में उसकी ताकत है. रुपे कार्ड से समानता का भाव जगा है. एकाउंट के साथ इंश्योरेंस का भी लाभ मिला है. 1 रुपये में बीमा मिलने से उसे बड़ा लाभ मिला है. मुद्रा योजना से लाखों नौजवानों को लाभ मिला है.