PM Modi: संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है और इसके दौरान भाजपा सांसदों की गैरहाजिरी पर पीएम मोदी ने सख्त रुख अख्तियार किया है. बीजेपी संसदीय दल की बैठक में उन्‍होंने चेतावनी के लहजे में कहा कि सदन में सभी सांसदों को रहना चाहिए. चाहे कोई बिल हो या ना हो. सांसद अपने में परिवर्तन लाएं नहीं तो परिवर्तन अपने आप हो जाएगा. पीएम ने सांसदों से कहा, ‘कृपया संसद और बैठकों में नियमित रूप से उपस्थित रहे. बच्‍चों की तरह इस बारे में लगातार जोर देना मेरे लिए अच्‍छा नहीं है. अगर आप खुद को नहीं बदलते हैं तो आने वाले समय में खुद बदलाव होंगे.’Also Read - Coronavirus in india: पीएम मोदी ने सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों से बात की, जानिए लॉकडाउन पर क्या कहा

संसद के सत्र में उपस्थित रहें, खुद को स्वस्थ रखें सांसद Also Read - Tamil Nadu News Today: आज तमिलनाडु में 11 नए मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, नया CICT कैंपस भी मिलेगा

मंगलवार की सुबह भाजपा की संसदीय दल की बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता पीएम नरेंद्र मोदी ने की. आज की इस बैठक में पीएम मोदी ने पार्टी के सांसदों से सख्त लहजे में कहा कि वो मौजूदा शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में उपस्थित रहें और लोगों के हित में काम करें. पीएम मोदी ने सत्र के दौरान संसद में ना आने वाले सांसदों को जमकर फटकार लगाई है. Also Read - UP: BJP MLA की बेटी ने सरकार से पिता को खोजने की अपील की, कहा- तबीयत ठीक नहीं, चाचा लखनऊ ले गए थे

बताया जा रहा है कि इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सांसदों को सूर्य नमस्कार करने की सलाह भी दी. उन्होंने कहा, सभी को सूर्य नमस्कार करना चाहिए और उसका कम्पटीशन करिये इससे सब स्वस्थ रहेंगे.. आपको संसद में रहना है.

पीएम मोदी ने कहा-13 को मैं काशी जा रहा हूं…

पीएम मोदी ने कहा, ’13 को मैं काशी जा रहा हूं…पहली बार आप सबके मैं वहां आने को नहीं कहूंगा…क्योंकि अभी संसद चल रही है. इसलिए आप सभी को संसद में रहना चाहिए…आप सब अपने अपने क्षेत्र में यही से रहकर लोगों को काशी कार्यक्रम बेहतर ढंग से देखने की व्यवस्था करनी चाहिए.’ उन्होंने पार्टी सांसदों से कहा, मैं 14 दिसंबर को चाय पर चर्चा भी करूंगा. बनारस के सभी जिलों के पदाधिकारियों से चाय पर मिलूंगा.

पीएम का यह सख्‍त रुख ऐसे समय सामने आया है जब संसद के शीत सत्र में विपक्ष एकजुटता दिखाते हुए सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है. विपक्ष की ओर से नगालैंड फायरिंग और सांसदों के निलंबन सहित विभिन्‍न मुद्दों पर सरकार को घेरा जा रहा है.