नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक फिदायिन हमले में सीआरपीएफ के 30 जवान शहीद हो गए. अधिकारियों के अनुसार जैश के आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 30 जवान शहीद हो गए. यह 2016 में हुए उरी हमले के बाद सबसे भीषण आतंकवादी हमला है. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे. इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपने काम पर वापस लौट रहे थे. जम्मू कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड पर इस काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आतंकी हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पीएम ने ट्वीट किया, पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला नीच हरकत है. मैं इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. पूरा देश बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. हम घायल जवानों के जल्दी ठीक होने की कामना करते हैं. पीएम ने एक और ट्वीट किया, पुलवामा में हमले के मद्देनजर स्थिति को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह जी और अन्य शीर्ष अधिकारियों से बात की.

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कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया और कहा कि देश जवाब मांग रहा है कि आखिर 56 इंच का सीना इन आतंकी हमलों को कब जवाब देगा. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘पुलवामा में आतंकी हमले में हमारे सीआरपीएफ के जवानों ने वीरगति प्राप्त की. कांग्रेस इस कायरतापूर्ण हमले की निंदा करती है. हम शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं. घायल जवानों के लिए हम कामना करते हैं कि वे शीघ्र स्वस्थ होकर देशसेवा के लिए लौटें.

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उन्होंने दावा किया, ‘मोदी सरकार में यह 17वां बड़ा आतंकी हमला है. इस सरकार में आए दिन हमारे जवानों पर हमले हो रहे हैं. शहीद मनदीप और शहीद नरेंद्र सिंह का सिर काटकर पाकिस्तानी ले गए, लेकिन मोदी जी चुप रहे. पांच हजार से अधिक बार सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया, लेकिन मोदी जी चुप रहे. 448 जवान जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए, लेकिन मोदी जी चुप रहे. सुरजेवाला ने दावा किया, ‘सच्चाई यह है कि बड़ी-बड़ी शेखी बघारने वाली मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को बलि की बेदी पर चढ़ा दिया है. बार बार होते इन आतंकी हमलों पर न मोदी सरकार नियंत्रण कर पाई है और न ही पाकिस्तान को 56 इंच का सीना दिखाकर कोई जवाब दे पाई है.

उन्होंने कहा, ‘देश सेना के रणबांकुरों की कुर्बानी पर जवाब मांग रहा है. देश सीमा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन पर जवाब मांग रहा है. हमारे जवानों के सिर काटे जाने पर देश जवाब मांग रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम मोदी जी से पूछना चाहते हैं कि 56 इंच का सीना आतंकी हमलों का जवाब कब देगा?’

(इनपुट-एजेंसियां)