नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिन्दू परिषद धर्मसभा कर रहा है. बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने मंदिर निर्माण के लिए केंद्र से अध्यादेश लाने की मांग की है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है. राजस्थान के अलवर में एक चुनावी रैली में पीएम ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टालने के लिए कहा था. पीएम ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट में कोई जज अयोध्या जैसे गंभीर और संवेदनशील मसलों में देश को न्याय दिलाने की दिशा में सबको सुनना चाहते हैं तो कांग्रेस के राज्यसभा के वकील सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ इंपिचमेंट लाकर उनको डराते धमकाते हैं. गौरतलब है कि कांग्रेस नेता और सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से पेश होते हुए सुप्रीम कोर्ट में 2019 चुनाव तक मंदिर मुद्दे पर सुनवाई टालने की अपील की थी.

उद्धव ठाकरे बोले- अगर ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो मंदिर तो बनेगा, लेकिन सरकार नहीं रहेगी

सितम्बर 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में अपना निर्णय सुनाते हुए विवादित स्थल की एक तिहाई जमीन मुस्लिम पक्ष और बाकी जमीन दो अन्य पक्षकारों को देने का आदेश दिया था. इस निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी थी, जहां यह मामला अभी लम्बित है. कोर्ट ने इस मामले की जनवरी में सुनवाई की डेट तय की है.

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विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चम्पत राय ने कहा कि उन्हें मंदिर के लिये जमीन के बंटवारे का फार्मूला मंजूर नहीं है और उन्हें पूरी की पूरी भूमि चाहिए. राय ने विहिप द्वारा यहां आयोजित ‘धर्म सभा‘ में कहा कि ‘‘हमें बंटवारे का फार्मूला मंजूर नहीं है. हमें (जमीन का) टुकड़ा नहीं चाहिए. राम मंदिर के लिये पूरी की पूरी भूमि चाहिए. उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हर हिन्दू का सपना है और यह हर हाल में बनकर रहेगा. हालांकि राय ने बंटवारे के किसी फार्मूले का खुलासा नहीं किया.

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इससे पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार पर हमला जारी रखते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी नहीं किया जाना चाहिए. ठाकरे ने अयोध्या में संवाददाताओं से कहा, ‘चुनाव प्रचार के दौरान इस :राम मंदिर: मुद्दे का इस्तेमाल ना करें … हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ ना करें. उन्होंने कहा कि दिन, साल और पीढ़ियां बीती जा रही हैं लेकिन राम लला का मंदिर नहीं बन रहा है. ठाकरे ने कहा कि हिन्दू आज पूछ रहा है कि मंदिर कब बनेगा. साथ ही शिवसेना प्रमुख ने साफ किया कि वह राजनीति करने के लिए अयोध्या नहीं आए हैं और ना ही उनका कोई छिपा एजेंडा है.

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वहीं राम मंदिर निर्माण को लेकर अयोध्या में ‘धर्म सभा‘ के नाम पर विश्व हिन्दू परिषद के शक्ति परीक्षण और शिवसेना की आक्रामक गतिविधियों के बीच आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने इन कवायद को सुप्रीम कोर्ट के लिए खुली चुनौती करार देते हुए कहा कि मसला एक मस्जिद के देने का नहीं है, बल्कि उसूल का है, कि हम लोग इस मुल्क में धीरे-धीरे और कितनी मस्जिदें कुर्बान करेंगे.

बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने अयोध्या में हो रही ‘धर्म सभा’ और शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के दर्शन कार्यक्रम पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे हालात बनाये जा रहे हैं, जिससे स्पष्ट तौर पर मुसलमानों के खिलाफ फिजा बन रही है. उसके साथ-साथ अदालती निजाम को भी खुली चुनौती दी जा रही है.

हमें मंदिर के लिए टुकड़ा नहीं, पूरी जमीन चाहिए: विहिप

आज धर्म सभा में लगा जमावड़ा इस पर मुहर लगा रहा है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में हो रहा घटनाक्रम कई तरह की आशंकाएं पैदा कर रहा है. शिवसेना ने मंदिर मुद्दे को लेकर भाजपा पर बढ़त हासिल करने के लिये मोर्चा खोल लिया है. हो सकता है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे विवादित स्थल पर दर्शन करने जाएं और एक ईंट ले जाकर रख दें. बाद में यह दावा करें कि हमने मंदिर निर्माण का काम शुरू कर दिया है. इससे हालात खराब हो सकते हैं.

(इनपुट-भाषा)