नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से उनके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति पर बात की. मोदी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महामारी के हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्रियों से नियमित बात कर रहे हैं. Also Read - Tamil Nadu Lockdown Unlock: तमिलनाडु के 27 जिलेे रि-ओपन हुए, पार्क, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा और टी स्‍टाल खुले

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की कोरोना स्थिति की जानकारी ली. वैक्सीन की कमी है, मैंने इस बारे में प्रधानमंत्री को बताया कि हमें वैक्सीन की ज़्यादा डोज़ चाहिए और औद्योगिक पूर्ति के लिए ऑक्सीजन की अनुमति के लिए भी प्रधानमंत्री से बात की. Also Read - Positive News: इस गांव ने पेश की मिसाल, नवविवाहितों को गृह प्रवेश से पहले करना होगा ये काम

यूपी सीएमओ के मुमबिक, प्रधानमंत्री जी ने आज उत्तर प्रदेश में कोविड की स्थिति, कोविड के प्रबंधन तथा वैक्सीनेशन के बारे में बातचीत की. उत्‍तर प्रदेश देश में कोरोना प्रबंधन आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है. बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन की आपूर्ति, हर एक व्यक्ति को निःशुल्क वैक्सीनेशन तथा जरूरतमंद को बेहतर उपचार का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है. वैक्सीनेशन वेस्टेज को कैसे रोका जाए इस पर भी माननीय प्रधानमंत्री जी ने मार्गदर्शन दिया. प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार है.

25 दिनों के बाद एक दिन में कोविड-19 के सबसे कम 3.11 लाख मामले आए
बता दें भारत में 25 दिनों के बाद एक दिन में कोविड-19 के सबसे कम 3.11 लाख मामले आए जबकि 4,077 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 2,70,284 पर पहुंच गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को जारी आकंड़ों के अनुसार, कोविड-19 का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या कम होकर 36,18,458 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 14.66 प्रतिशत है. कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर में सुधार हुआ है और यह 84.25 प्रतिशत है. आंकड़ों के मुताबिक, इस महामारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 2,07,95,335 हो गई है जबकि मृत्यु दर 1.09 प्रतिशत दर्ज की गई.

भारत में एक दिन में कोविड-19 के 3.11 लाख नए मामले, 4,077 लोगों की मौत
भारत में 25 दिनों के बाद एक दिन में कोविड-19 के सबसे कम 3.11 लाख मामले आए जबकि 4,077 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 2,70,284 पर पहुंच गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी आकंड़ों के अनुसार, एक दिन में 3,11,170 मरीज संक्रमित पाए गए हैं, जिससे देश में संक्रमण के कुल मामले 2,46,84,077 पर पहुंच गए. 21 अप्रैल को 24 घंटों में संक्रमण के 2,95,041 मामले आए थे.

एक्‍ट‍िव मरीजों की संख्‍या में आई कमी
आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 का उपचार करा रहे मरीजों की संख्या कम होकर 36,18,458 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 14.66 प्रतिशत है. कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर में सुधार हुआ है और यह 84.25 प्रतिशत है. इस महामारी से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 2,07,95,335 हो गई है जबकि मृत्यु दर 1.09 प्रतिशत दर्ज की गई.

24 घंटे में प्रमुख राज्‍यों में मौतें
देश में जिन 4,077 और लोगों की मौत हुई है, उनमें से 960 लोगों की महाराष्ट्र, 349 लोगों की कर्नाटक, 337 लोगों की दिल्ली, 303 की तमिलनाडु, 281 की उत्तर प्रदेश, 216 की पंजाब 197 की उत्तराखंड, 149 की राजस्थान, 144-144 लोगों की हरियाणा और पश्चिम बंगाल और 129 लोगों की मौत छत्तीसगढ़ में हुई.

कोरोना से मौतें वाले प्रमुख राज्‍य
देश में अब तक कुल 2,70,284 लोगों की मौत हुई है. इनमें 80,512 लोगों ने महाराष्ट्र, 21,434 ने कर्नाटक, 21,244 ने दिल्ली, 17,359 ने तमिलनाडु, 17,238 ने उत्तर प्रदेश, 13,137 ने पश्चिम बंगाल, 11,693 ने पंजाब और 11,590 लोगों ने छत्तीसगढ़ में जान गंवाई. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जिन संक्रमित लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक लोग अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे.

15 मई तक 31 करोड़ 48 लाख 50 हजार 143 नमूनों की जांच की गई
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, 15 मई तक 31,48,50,143 नमूनों की जांच की गई है, जिनमें से 18,32,950 नमूनों की शनिवार को जांच की गई.

भारत में 4 मई 2021 को मामले 2 करोड़ के आंकड़े के पार हुए थे
देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख को पार कर गई थी. वहीं कोविड-19 मरीजों की संख्या 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख को पार कर गई थी. इसके बाद, 28 सितंबर को कोविड-19 के मामले 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख, 19 दिसंबर को एक करोड़ के पार हो गए थे. भारत ने चार मई को दो करोड़ मामलों का आंकड़ा पार कर लिया था.