श्रीनगर| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर के गुरेज सेक्टर में नियंत्रण रेखा के समीप तैनात सैनिकों के साथ दीवाली मनाई. पीएम ने जवानों के साथ दो घंटे बिताए और कहा कि हर किसी की तरह वह भी अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने की कामना करते हैं. उन्होंने सैनिकों को मिठाई और उपहार दिए, शुभकामनाएं दीं.साथ ही देश की रक्षा में सशस्त्र बलों के बलिदान की प्रशंसा की.

यह लगातार चौथा साल है जब प्रधानमंत्री ने सीमा पर जवानों के साथ दीवाली मनायी है. इस मौके पर थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

सैनिकों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “इसीलिए, मैं यहां आया हूं क्योंकि आप मेरे परिवार हैं. जब मैं आपसे हाथ मिलाता हूं, तो आपको शायद लगता होगा कि यह महज एक औपचारिकता है. लेकिन यह मेरे लिए एक औपचारिकता नहीं है. इससे मुझे नई ऊर्जा मिलती है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि सीमाओं पर सैनिक नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं, जो ‘निश्चित रूप से उनकी क्षमताओं को बढ़ाएगा और उन्हें सुकून का अहसास देगा.’ उन्होंने कहा कि जो सैनिक अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सशस्त्र बलों को छोड़ते हैं वे ‘अच्छे योग प्रशिक्षक बन सकते हैं.’

आगंतुकों की पुस्तिका में मोदी ने लिखा, “अपने प्रियजनों से दूर मातृभूमि की रक्षा करना, बलिदान की सर्वोच्च परंपराएं प्रदर्शित करना.देश की सीमाओं पर सभी सैनिक बहादुरी और समर्पण के प्रतीक हैं.” उन्होंने यह भी कहा, “मेरे पास मौका है दिवाली का त्योहार आपके साथ मनाने का। इस उत्सव के अवसर पर सीमा पर बहादुर सैनिकों की उपस्थिति आशा की रोशनी जलाती है और करोड़ों भारतीयों के बीच नई ऊर्जा उत्पन्न करती है.”

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