नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिये कानून व्यवस्था को प्रभावी तरीके से कायम रखने में पुलिस की भूमिका पर रविवार को जोर दिया. उनकी ये टिप्पणियां महिलाओं के खिलाफ अपराधों के हालिया मामलों की पृष्ठभूमि में आए हैं जिन्हें लेकर पूरे देश में आक्रोश का माहौल है.

पुणे में पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी)/ पुलिस महानिरीक्षकों (आईजीपी) के सम्मेलन को रविवार को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि अधिकारियों को पुलिस बल की छवि सुधारने की दिशा में काम करना चाहिए ताकि महिलाओं और बच्चों समेत समाज के सभी वर्ग में उनके प्रति भरोसा पैदा हो. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि प्रौद्योगिकी सक्रिय पुलिस निगरानी सुनिश्चित करने में एक प्रभावी साधन उपलब्ध कराता है, जो आम आदमी की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखे. बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के दौरान पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियों एवं दबाव को भी स्वीकार किया.

बयान में कहा गया कि हालांकि, उन्होंने कहा कि जब भी वे संशय में हों उन्हें उन आदर्शों और उन भावों को याद करना चाहिए जिसके साथ वे सिविल सेवा की परीक्षाओं में शामिल हुए थे और राष्ट्र हित में काम करते हैं और इस दौरान उन्हें समाज के अति कमजोर और अत्यंत गरीब वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखना चाहिए. मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास में उनकी विशेष दिलचस्पी जाहिर की जो सरकार की पूर्वोन्मुखी नीति के लिए महत्त्वपूर्ण है और इन राज्यों के डीजीपी से विकास कार्यक्रमों के लिए हितकर माहौल बनाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की अपील की.