
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी सोमवार, 15 दिसंबर को तीन देशों के दौरे पर रवाना हुए. पहले वह जॉर्डन जाएंगे, जहां वे दोनों देशों के 75 वर्ष पूरे होने पर जश्न में शामिल होंगे. फिर वे इथियोपिया और उसके बाद ओमान जाएंगे. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर प्रधानमंत्री का यह दौरा कितना जरूरी है? पीएम मोदी जहां का दौरा कर रहे हैं, उन देशों का भारत के लिए और उनके लिए क्या महत्व है? इन तीनों देशों से भारत क्या हासिल कर सकता है? आइये जानते हैं इनके बारे में…
प्रधानमंत्री का जॉर्डन से शुरू होने वाला दौरा अपने आप में खास है. उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और जॉर्डन अपने राजनयिक रिश्तों के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. इस दौरे में पीएम मोदी की मुलाकात शाह किंग अब्दुल्ला द्वितीय से होगी. जहां आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय हालात जैसे अहम मुद्दों पर बात होगी. भारत-जॉर्डन का व्यापार पहले ही 2.8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, और देश जॉर्डन के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में शामिल है.
पीएम मोदी का जॉर्डन दौरा आर्थिक और सामाजिक रूप से भी भारत के लिए अहम है. यहां करीब 17 हजार भारतीय रहते हैं, जो मुख्य रूप से कपड़ा और सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं. साथ ही, व्यापार और निवेश से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई रफ्तार मिल सकती है. पश्चिम एशिया में बदलते हालात के बीच जॉर्डन भारत के लिए एक स्थिर और संतुलित साझेदार के रूप में उभरता है.
जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री इथियोपिया जाएंगे, जो अफ्रीका और ग्लोबल साउथ में भारत का एक अहम साझेदार है. यह पीएम मोदी की पहली इथियोपिया यात्रा होगी. इथियोपिया अफ्रीका की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और भारत वहां शीर्ष निवेशकों में शामिल है. भारत की 650 से ज्यादा कंपनियों ने वहां कृषि, कपड़ा, मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में 5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. दोनों देशों के बीच शिक्षा, कौशल विकास और प्रशिक्षण को लेकर लंबे समय से सहयोग रहा है, जिससे इथियोपिया में भारत की सॉफ्ट पावर मजबूत हुई है.
प्रधानमंत्री मोदी और इथियोपिया पीएम अबिय अहमद के बीच बातचीत का केंद्र व्यापार, निवेश और विकास साझेदारी होगी. भारत इथियोपिया का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में 57 करोड़ डॉलर से ज्यादा रहा. भारत अब वहां इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी, खनन और कृषि जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना चाहता है.
दौरे के आखिरी में पीएम मोदी ओमान जाएंगे. यहां भारत और ओमान के बीच संभावित मुक्त व्यापार समझौते यानी सीईपीए पर मुहर लग सकती है. अगर यह समझौता होता है, तो दोनों देशों के व्यापार और निवेश को बड़ा बढ़ावा मिलेगा. ओमान पहले से ही भारत का खाड़ी क्षेत्र में एक करीबी रक्षा साझेदार है. रक्षा, ऊर्जा, हाइड्रोकार्बन, तकनीक और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग और गहरा हो सकता है. कुल मिलाकर, पीएम मोदी का तीन देशों का दौरा भारत की कूटनीति, व्यापार और रणनीतिक हितों को पश्चिम एशिया से अफ्रीका तक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.
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