नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल को अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग की मिट्टी से भरा कलश राष्ट्रीय संग्रहालय में रखने के लिए सौंपा. इससे पहले पटेल कलश लेकर संसद भवन में प्रधानमंत्री के पास आए थे. पटेल ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि हम जलियांवाला बाग की बलिदानी मिट्टी का कलश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास ले कर आए . इसके बाद उन्होंने (प्रधानमंत्री) कलश को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखने के लिए हमें सौंपा.

प्रह्लाद पटेल कहा कि जलियांवाला बाग की मिट्टी में हमारे बलिदानी पुरखों का खून है . सरकार ने वहां की खून से रक्तरंजित मिट्टी को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखने के लिए कदम उठाया है ताकि यह लोगों को अपने पुरखों की शहादत और उनके बलिदान से अवगत करा सके. उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग स्मारक ट्रस्ट से संबंधित विधेयक के दौरान हमने कहा था कि उस बलिदानी भूमि की मिट्टी राष्ट्रीय संग्रहालय में रखेंगे.

गौरतलब है कि ब्रिटिश काल में वहां हुए नरसंहार की कड़वी यादों को दर्शाने के लिए वहां की मिट्टी से भरे कलश को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा जा रहा है . यह कदम ऐसे वक्त उठाया गया है, जब जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक को संचालित करने वाले ट्रस्ट के स्थायी सदस्य के तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष को हटाने वाले विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई है.

विधेयक और राष्ट्रीय संग्रहालय में मिट्टी का कलश रखे जाने के समय संबंधी एक सवाल के जवाब में पटेल ने कहा कि यह केवल संयोग है. गौरतलब है कि अप्रैल 1919 में बैसाखी के दिन जलियांवाला बाग में जमा भीड़ पर कर्नल आर. डायर ने गोलियां चलवा दी थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे.