दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए साल के पहले दिन शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छह राज्‍यों में ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया (GHTC-India) के तहत लाइट हाउस परियोजनाओं की आधारशिला रखी है. यह सस्‍तेे मकानों की पर‍ियोजना हैं.Also Read - Jharkhand News: फर्जी भर्ती के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस, ग्रामीणों से हिंसक झड़प में लाठीचार्ज

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने शुक्रवार को 6 राज्‍यों के 6 शहरों में वैश्‍विक आवासीय प्रौद्योगिकी चुनौती-भारत (GHTC-India) के तहत हल्के मकानों से जुड़ी परियोजनाओं (Light House Projectsकी आधारशिला रखी है. Also Read - EPFO Latest Update: EPFO ने नवंबर 2021 में जोड़े 13.95 लाख ग्राहक, 8.28 लाख लोग पहली बार बने मेंबर

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”सभी देशवासियों को 2021 की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. आज नई ऊर्जा, नए संकल्पों के साथ और नए संकल्पों को सिद्ध करने के लिए तेज़ गति से आगे बढ़ने का शुभारंभ है. Also Read - ऐसी कौन सी नौबत आ गई जो भोजपुरी एक्ट्रेस गुंजन पंत को यूपी में बेचनी पड़ी चूड़ियां, ठेला चलाती गलियों में आईं नज़र

पीएम ने कहा, हर जगह एक साल में 1,000 घर बनाए जाएंगे, इसका मतलब प्रतिदिन 2.5-3 ​घर बनाने का औसत आएगा. अगली 26 जनवरी से पहले इस काम में सफलता पाने का इरादा है.

पीएम ने कहा, आज नई ऊर्जा के साथ, नए संकल्पों के साथ और नए संकल्पों को सिद्ध करने के लिए तेज गति से आगे बढ़ने का आज शुभारंभ है.

पीएम मोदी ने कहा, ये 6 प्रोजेक्ट वाकई लाइट हाउस यानी प्रकाश स्तंभ की तरह हैं. ये 6 प्रोजेक्ट देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे.

पीएम मोदी ने कहा, ये लाइट हाउस प्रोजेक्ट अब देश के काम करने के तौर-तरीकों का उत्तम उदाहरण है. हमें इसके पीछे बड़े विजन को भी समझना होगा. एक समय आवास योजनाएं केंद्र सरकारों की प्राथमिकता में उतनी नहीं थी, जितनी होनी चाहिए. सरकार घर निर्माण की बारिकियों और क्वालिटी में नहीं जाती थी.

पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक समारोह में सस्‍ते और टि‍काऊ आवासीय उत्‍प्रेरक (एएसएचए- इंडिया) के तहत विजेताओं की घोषणा भी की. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लागू करने में उत्‍कृष्‍टता के लिए वार्षिक पुरस्कार भी प्रदान किए.


इस अवसर पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री उपस्थित थे.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ”नवारिति‍ह” के नाम से नवोन्मेषी निर्माण प्रौद्योगिकी पर एक पाठ्यक्रम की शुरुआत की और 54 नवोन्मेषी आवासीय निर्माण प्रौद्योगिकी के एक संग्रह का विमोचन भी किया.

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक हल्के मकान से जुड़ी परियोजनाएं देश में पहली बार निर्माण क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नए जमाने की वैकल्पिक वैश्विक प्रौद्योगिकी, सामग्री और प्रक्रियाओं का बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं.

इनका निर्माण जीएचटीसी- इंडिया के तहत किया जा रहा है. इन हल्के मकानों का निर्माण इंदौर, राजकोट, चेन्नई, रांची, अगरतला और लखनऊ में किया जा रहा है. हर जगह इस तरह के एक हजार आवासों का निर्माण किया जाना है. यह निर्माण कार्य एक साल के भीतर पूरा कर लिये जाने की संभावना है.