नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल में बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए शुक्रवार शाम वहां के लिए रवाना हुए. दिन में मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री से बातचीत की थी और उनसे स्थिति के बारे में चर्चा की. राज्य में प्रलयंकारी बाढ़ के चलते अब तक 324 लोगों की मौत हो चुकी है. Also Read - सीएम अमरिंदर सिंह ने फाइनल परीक्षाओं को लेकर मोदी को लिखा पत्र, कहा- UGC के निर्देश की हो समीक्षा

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प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘केरल में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए वहां के लिए रवाना हो रहा हूं.’’ Also Read - जो राहुल और प्रियंका गांधी के आक्रामक रुख की सराहना नहीं कर सकते वे कांग्रेस पार्टी में क्यों हैं : दिग्विजय सिंह

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘केरल के लोगों के दुखदर्द पर पिछले कुछ दिनों से उनका ध्यान है. वह राहत एवं बचाव अभियानों की स्थिति की समीक्षा करेंगे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे.’’ मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के बाद केरल रवाना हुए. केरल मानसूनी वर्षा से बेहद प्रभावित हुआ है. वहां नदियां और बांधों के जलाशयों से पानी बह रहा है. राज्य का बड़ा हिस्सा जलमग्न है.

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करीब एक सदी में आयी इस प्रलयंकारी बाढ़ में आठ अगस्त के बाद से अब तक 324 लोगों की मौत हो गयी है. आपदा ने इस प्राकृतिक छटा वाले राज्य को झकझोर कर रख दिया है. इसके चलते इसका पर्यटन उद्योग बर्बाद हो गया है, हजारों हेक्टेयर भूभाग में उपजी फसलें तबाह हो गयी हैं और बुनियादी ढांचे को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है.

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) कर्मियों के अलावा सेना, नौसेना, वायुसेना के कर्मियों ने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में अपने-अपने घरों की छतों, ऊंचे स्थानों पर फंसे लोगों को निकालने का काम कर रही है. ऊंचाई वाले इलाकों में पहाड़ों के दरकने के कारण चट्टानों के टूटकर नीचे सड़क पर गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो गयीं जिससे वहां रहने वालों और गांवों में बचे लोगों का संपर्क बाकी की दुनिया से कट गया. ये गांव आज किसी द्वीप में तब्दील हो गये हैं.

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महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों लोग ऐसी जगहों पर फंसे हैं जहां नौका से पहुंच पाना मुश्किल है. उन लोगों को रक्षा मंत्रालय के हेलीकॉप्टर की मदद से निकाला गया और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.