बर्लिन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी 6 दिवसीय यात्रा के अंतिम पड़ाव में जर्मन चांसलर एजेंला मर्केल से बातचीत की. संक्षिप्त यात्रा पर शुक्रवार को जर्मनी पहुंचे. प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के आखिरी चरण में ब्रिटेन से जर्मनी पहुंचे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘नियमित उच्चस्तरीय वार्ता की गति को बरकरार रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मन चांसलर मर्केल से मिलने के लिए संक्षिप्त यात्रा पर बर्लिन पहुंचे.’’

उन्होंने कहा कि यह यात्रा रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की भारत की पारस्परिक इच्छा को दिखाती है. मोदी अपनी ब्रिटेन की यात्रा समाप्त करने के बाद बर्लिन पहुंचे हैं. पीएम मोदी ने ब्रिटेन में राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों (चोगम) की बैठक और कई द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया. स्वीडन में मोदी ने वहां के प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के साथ व्यापक वार्ता की. इसके अलावा उन्होंने भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री मोदी अपनी 6 दिवसीय यात्रा के पहले पड़ाव में स्वीडन गए थे जो तीन दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी. स्वीडन यात्रा के दौरान मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता करने के साथ प्रथम भारत-नोर्डिक सम्मेलन में भी हिस्सा लिया था. इस सम्मेलन का सह-आयोजन भारत और स्वीडन ने किया था. इस सम्मेलन में सभी नॉर्डिक देशों ने हिस्सा लिया था. जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे तथा स्वीडन के प्रधानमंत्री शामिल हुए.

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच गहरा संबंध है और इनके साथ 5.3 अरब डालर का कारोबार है. डेनमार्क, फिनलैंड और स्विडन यूरोपीय संघ में शामिल है जबकि नार्वे और आइसलैंड यूरोपीय फ्यूचर एसोसिएशन का हिस्सा हैं. भारत इन देशों के साथ कौशल विकास, पर्यावरण, कोयला, बंदरगाह विकास के अलावा स्वच्छ भारत, स्मार्ट सिटी और स्वच्छ गंगा में सहयोग करना चाहता है. दूसरी ओर, इन देशों को भारत के बाजार और प्रतिभाओं का फायदा मिलेगा.