प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में गुरुवार को कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण पैदा हुए इस मुश्किल वक्त में दूसरों के लिए निस्वार्थ भाव से काम करने वाले लोग प्रशंसा के योग्य हैं. प्रधानमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में ये बातें कही. उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि वैश्विक वृद्धि में हमेशा मददगार साबित होगी.Also Read - नए संसद भवन के निर्माण में लगे कामगारों को पीएम मोदी का तोहफा, 'योगदान को याद रखने के लिए बनाया जाएएगा डिजिटल म्यूजियम'

उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन वक्त में देश या विदेश में मुश्किलों का सामना कर रहे लोगों के साथ नि:स्वार्थ भाव से मजबूती से खड़ा है. पीएम ने कहा कि भगवान बुद्ध ने भारतीय सभ्यता और परंपरा को समृद्ध करने में अहम योगदान दिया. Also Read - PM Modi at New Parliament Building: नए संसद भवन के निर्माण स्थल पर अचानक पहुंचे पीएम मोदी, एक घंटे तक किया निरीक्षण


उन्होंने बुद्ध पुर्णिमा की सभी देशवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि यह ऐसी स्थिति है जब वह शारीरिक रूप से किसी कार्यक्रम में भाग नहीं ले पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह उनके खुशी की बात होती अगर वह आपलोगों के साथ होते. लेकिन परिस्थितियां मुझे ऐसा करने से रोक रही हैं. Also Read - Man Ki Baat: अमेरिका से लौटे पीएम मोदी, मन की बात में दी नसीहत-त्योहारों में खास सतर्कता है जरूरी

पीएम ने आगे कहा कि कोरोना वायरस जैसे कठिन समय में हमारे आसपास तमाम ऐसे लोग हैं जो 24वों घंटे काम कर रहे हैं. वो दूसरों की मदद के लिए अपना जीवन जोखिम में डाल रहे हैं. वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सफाई करने, संक्रमितों का इलाज करने में जुटे हैं. ऐसे लोग प्रशंसा के पात्र हैं.

उन्होंने आगे कहा कि हम हर किसी के साथ बिना भेदभाव के खड़ा हैं. जो भी परेशान हैं हम उनके साथ हैं. केवल देश नहीं बल्कि दुनिया भर के लोगों के साथ हम हैं.

पीएम ने आगे कहा कि भारत लगातार दुनिया के अन्य देशों की सहायता कर रहा है और आगे भी करता रहेगा. उन्होंने कहा कि थककर रुक जाना किसी भी समस्या का समाधान नहीं सकता. इस कोरोना वायरस को हराने के लिए हम सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा.