'WFH अपनाइए, पेट्रोल बचाइए और एक साल सोना मत खरीदिए...', तेल संकट पर PM मोदी की बड़ी अपील

Written By: Tanuja Joshi Updated by: Tanuja Joshi
Updated Date:May 10, 2026 9:22 PM IST

मध्य पूर्व संकट के बीच बढ़ती तेल कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की. उन्होंने वर्क फ्रॉम होम, कम तेल इस्तेमाल और एक साल तक सोना न खरीदने जैसी सलाह देकर विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर दिया.

PM Modi Appeal Amid Oil Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और तेजी से बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने और खर्चों में सावधानी बरतने की अपील की है. पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए भारत को विदेशी मुद्रा बचाने और तेल पर निर्भरता कम करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे.

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प्रधानमंत्री ने लोगों को कोरोना काल के दौरान अपनाए गए 'वर्क फ्रॉम होम' मॉडल को फिर से प्राथमिकता देने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस और घर से काम करने जैसी व्यवस्थाएं देश के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं, क्योंकि इससे पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी.

बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतें

पीएम मोदी का ये बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर से ज्यादा पहुंच गई है. इसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ा तनाव है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को पेट्रोल-डीजल आयात करने के लिए भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में अगर लोग ईंधन की खपत कम करेंगे तो ये देशहित में बड़ा योगदान होगा. उन्होंने इसे केवल आर्थिक नहीं बल्कि 'राष्ट्रीय जिम्मेदारी' बताया.

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने एक और खास अपील की। उन्होंने कहा कि लोग शादी-ब्याह के लिए एक साल तक सोना खरीदने से बचें. उनका कहना था कि सोने के आयात पर भी देश की बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च होती है और मौजूदा परिस्थितियों में बचत बेहद जरूरी है.

खाने के तेल को लेकर भी अपील

केवल ईंधन ही नहीं, प्रधानमंत्री ने खाने के तेल और रासायनिक खादों की खपत कम करने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में खाद्य तेल और केमिकल फर्टिलाइजर विदेशों से आयात करता है। अगर लोग खाने के तेल का कम इस्तेमाल करें और किसान प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें, तो इससे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी.

इस बीच सरकारी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. तेल कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और संभावना है कि ईंधन के दामों में प्रति लीटर 4 से 5 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है। घरेलू गैस सिलेंडर भी महंगे होने के संकेत मिल रहे हैं.

हालांकि, सरकार ने हालात संभालने के लिए कुछ कदम भी उठाए हैं. भारत ने रूस, अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका जैसे देशों से तेल आयात बढ़ाया है. रिफाइनरियों की क्षमता भी बढ़ाई गई है ताकि सप्लाई प्रभावित न हो. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक संकट लंबा चलता है तो भारत समेत कई देशों पर महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है. ऐसे में ईंधन बचत और आयात कम करने की रणनीति आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है.

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