नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में जब आशाराम चौधरी का नाम लिया तब यह उसके और देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में एक जोधपुर एम्स के लिए गर्व का क्षण था जहां बिल्कुल ही सामान्य पृष्ठभूमि के बावजूद आशाराम ने प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने लिए जगह बनायी है. मध्यप्रदेश के देवास में कूड़ा बीनने वाले का बेटा आशाराम पहले ही प्रयास में प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर जोधपुर एम्स में एमबीबीएस का प्रथम वर्ष का छात्र बन गया है. Also Read - हाथरस: गैंग रेप की शिकार दलित लड़की की मौत, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की ‘खामोशी’ पर सवाल उठाया; विपक्ष हुआ हमलावर

प्रधानमंत्री ने अपने रेडियो संबोधन ‘मन की बात’ में कहा, ‘‘मुझे मध्यप्रदेश के बिल्कुल ही एक गरीब परिवार के लड़के आशाराम की खबर मिली है. उसने जोधपुर एम्स में एमबीबीएस में दाखिला के वास्ते पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर ली. उसके पिता कूड़ा बीनते हैं. मैं उसे इस सफलता पर बधाई देता हूं.’’ Also Read - हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा होंगी और स्वच्छ, पीएम मोदी 6 मेगा परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आशाराम ने 23 जुलाई को इस संस्थान में दाखिला लिया था. उसके साथ उसके पिता रंजीत सिंह और देवास के खनन निरीक्षक भी पहुंचे थे जिन्हें देवास के जिलाधिकारी ने दाखिले की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए भेजा था. Also Read - पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हो रहा बिजली वितरण का निजीकरण, विरोध में उतरे लोग

एम्स (जोधपुर) निदेशक संजीव मिश्रा ने अपनी पूरी टीम के साथ आशाराम को बधाई दी और संस्थान से सभी तरह के सहयोग का आश्वासन दिया. मिश्रा ने कहा, ‘‘उसकी उपलब्धि और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर हमने उसे एम्स से किताबें और अन्य जरुरी चीजें प्रदान करने का फैसला किया है.’’

(इनपुट: एजेंसी)