इजरायली बंधकों की रिहाई पर PM मोदी ने जताई खुशी, डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ में कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली बंधकों की रिहाई का स्वागत किया है. साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रयासों को ईमानदार बताया. खबर है कि भारत भी शर्म अल शेख शांति सम्मेलन में अपनी भूमिका निभाएगा.

Published date india.com Published: October 13, 2025 8:45 PM IST
इजरायली बंधकों की रिहाई पर PM मोदी ने जताई खुशी, डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ में कही ये बात

प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली बंधकों की रिहाई का खुले दिल से स्वागत किया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस दिशा में की गई कोशिशों को ईमानदार और सराहनीय बताया और पूरी तरह समर्थन देने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा कि यह बंधकों की रिहाई न केवल उनके परिवारों की बहादुरी का प्रतीक है, बल्कि ट्रंप के अथक शांति प्रयासों और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प का भी प्रतीक है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह रिहाई दो साल से अधिक समय तक बंधक बनाए गए सभी लोगों की आज़ादी की पुष्टि है.

हमास ने बंधकों को रिहा किया

बता दें गाजा में चल रही संघर्ष की स्थिति के बीच हमास और इजरायल के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी है. इस समझौते के तहत, हमास ने सोमवार को सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा किया, जबकि इजरायल ने 1900 से अधिक फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में यह समझौता मिडिल ईस्ट के लिए एक नई सुबह का संदेश लेकर आया है. ट्रंप अब इस जश्न में शामिल होने के लिए इजरायल भी पहुंचे हैं. इस कदम को क्षेत्र में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

भारत का शांति प्रयासों में योगदान

भारत ने इस शांति समझौते का स्वागत किया है और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए मिस्र में बुलाए गए शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेने की सहमति जताई है. भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह प्रधानमंत्री मोदी का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा लगभग 20 अन्य वैश्विक नेता शामिल होंगे. भारत का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन क्षेत्र में स्थायी शांति और संघर्ष विराम की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

कई वैश्विक नेता साथ आए

शर्म अल-शेख शांति शिखर सम्मेलन में गाजा और पश्चिम एशिया में स्थायी शांति लाने के उपायों पर चर्चा होगी. इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे. ब्रिटेन, इटली, फ्रांस और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे. इसका उद्देश्य न केवल गाजा में युद्ध समाप्त करना है, बल्कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों को बढ़ावा देना भी है. यह शिखर सम्मेलन क्षेत्र में स्थायी समाधान खोजने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

(इनपुट-एजेंसी के साथ)

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