नई दिल्ली: अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की सामाजिक कार्यकर्ता दिवंगत कुंवर बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की. कुंवर बाई स्‍वच्‍छ भारत अभियान के लिए शुभंकर के तौर पर चुनी गई थीं. कुंवर बाई का हाल ही में कुछ समय पहले निधन हो गया था. स्वच्छ भारत अभियान के लिए किए गए काम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी तारीफ भी की थी. Also Read - ट्रंप के पीएम मोदी से बात करने के दावे पर उठे सवाल, भारत सरकार ने दिया ये स्पष्टीकरण

प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर गुरुवार को कुंवर बाई से मुलाकात के अनुभव को देश की जनता के सामने साझा किया. उन्‍होंने कहा कि कुंवर बाई महात्मा गांधी के सपने को हकीकत में बदलने के लिए कार्य कर रही थी. उनके जीवन का एक लंबा समय देश के लोगों को सफाई और अन्य सामाजिक कार्यों के प्रति जागरुक करने में बीता. पीएम मोदी ने कहा कुंवर बाई एक दुबली पतली लेकिन मजबूत इरादों वाली महिला थी. Also Read - क्रिकेटरों के बाद हॉकी दिग्गजों ने अफरीदी को लगाई फटकार; कहा- खिलाड़ी को शोभा नहीं देती बयानबाजी

बता दें कि 106 साल की उम्र में कुंवर बाई का निधन हो गया था. 2016 में कुंवर बाई ने अपनी बकरियां बेचकर शौचालय बनवाया था. उन्होंने अपने दैनिक खर्चों और अपनी सारी जमापूंजी दस में से 8 बकरियां बेचकर मिले 22 हजार रुपए शौचालयों के निर्माण में लगा दिए. इस रुपयों से उन्होंने छत्‍तीसगढ़ के धामतारी जिले में कोटाभार्री गांव स्‍थित अपने घर में शौचालय का निर्माण करवाया.

प्रधानमंत्री मोदी ने #SheInspiresMe लिखकर एक ट्विट शेयर कर इस बारे में लोगों को जानकारी दी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें राजनंदगांव की एक रैली के दौरान वह कुमवर बाई को सम्मानित कर रहे हैं.

कौन थीं कुंवर बाई

कुंवर बाई के घर में शौचालय नहीं था और उनके बेटों का देहांत हो चुका था. ऐसे में घर को संभाले रखने का पूरा जिम्‍मा उनकी बहू और पोती पर आ गया. कुंवर बाई को यह बिल्‍कुल अच्‍छा नहीं लगता था कि उनकी बहू और पोती को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है. कुंवर बाई के घर की माली हालत भी ठीक नहीं थी इसलिए उन्होंने घर में शौचालय बनवाने के लिए अपनी सारी बकरियों को बेच दिया. कुंवर बाई ने अपने घर में तो शौचालय बनाया ही, साथ में उन्‍होंने गांव के हर घर जा-जाकर घर में शौचालय बनवाने के फायदों के बारे में बताना शुरू कर दिया. कुंवर बाई के स्वच्छता के प्रति लगन और उत्साह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काफी प्रभावित हुए और उन्हें स्वच्छता दिवस के मौके पर दिल्ली में सम्मानित किया था.