भारत कर रहा गैस-तेल संकट से निपटने की तैयारी... PM मोदी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग, जानें किन बड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

Written By: Gargi Santosh Updated by: Gargi Santosh
Updated Date:March 22, 2026 6:59 PM IST

मिडिल ईस्ट संकट के बीच पीएम मोदी ने हाई-लेवल मीटिंग लेकर तेल, गैस, बिजली और खाद की आपूर्ति पर चर्चा की. चलिए जानते हैं ईरान-इजरायल जंग से देश पर क्या असर पड़ा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी रविवार (22 मार्च, 2026) को मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की. इस बैठक में सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल हुए. जानकारी के अनुसार, इस बैठक में पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और उर्वरक जैसे जरूरी क्षेत्रों की स्थिति का अपडेट लिया गया.

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इस बैठक का मकसद भारत में जरूरी संसाधनों की आपूर्ति को किसी भी हाल में बाधित न होने देना है. सरकार पहले से ही इस दिशा में सतर्क नजर आ रही है, ताकि वैश्विक संकट का असर आम लोगों पर कम से कम पड़े और रोजमर्रा की जरूरतें सुचारू रूप से चलती रहें. साथ ही भविष्य की संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी पर भी जोर दिया गया. आइए इस खबर में जानते हैं बैठक की बड़ी बातें...

बैठक में किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने पर फोकस

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि देश में तेल, गैस और बिजली की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे। इसके लिए वैकल्पिक स्रोतों, रणनीतिक भंडारण और आयात के नए विकल्पों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।

बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए

बैठक में अमित शाह, राजनाथ सिंह, एस जयशंकर, निर्मला सीतारमण समेत कई अहम मंत्री शामिल हुए. जिन्होंने अपने-अपने विभागों की स्थिति और तैयारियों की जानकारी साझा की.

मिडिल ईस्ट संकट का भारत पर असर

सरकार ने माना कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है. इससे भारत जैसे देशों की सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए समय रहते तैयारी जरूरी मानी जा रही है.

सप्लाई चेन सुधारने की रणनीति

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि देश में जरूरी सामान की कमी न हो और बाजार स्थिर बना रहे.

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व भी समझें

आपको बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया की बड़ी मात्रा में ऊर्जा सप्लाई होती है. यहां तनाव बढ़ने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत पर भी पड़ सकता है.

LPG-PNG सप्लाई की स्थिति क्या है?

सरकार ने बताया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति फिलहाल सामान्य है और पैनिक बुकिंग में कमी आई है. साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है.

कमर्शियल गैस का बढ़ाया आवंटन

शिक्षा संस्थानों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाया गया है, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों.

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार सख्त

सरकार ने LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में छापेमारी तेज कर दी है. इससे बाजार में संतुलन बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है.

भारतीयों की सुरक्षा पर फोकस

मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है. दूतावास लगातार संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया भी जारी है.

वैश्विक स्तर पर बातचीत जारी

प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं से बातचीत कर हालात को समझने और समाधान निकालने की कोशिश की है, ताकि इस संकट का असर भारत पर कम से कम पड़े और स्थिरता बनी रहे.

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