नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस साल सऊदी अरब की अध्यक्षता में हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन के 15 वें संस्करण में हिस्सा लिया. शिखर सम्मेलन में मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओंके समन्वित प्रयासों से निश्चित रूप से कोविड-19 महामारी से तेजी से उबर सकेंगे.Also Read - World News: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की बहस से पहले संक्रमित थे ट्रंप, मगर फिर भी भाग लिया- पूर्व सहयोगी की किताब में दावा

मोदी ने ट्वीट किया कि जी20 नेताओं के साथ उनकी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई. साथ ही उन्होंने शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए सऊदी अरब को धन्यवाद भी दिया. कोरोनावायरस महामारी के वैश्विक प्रभाव पर चर्चा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मोदी के साथ बातचीत करने वालों में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल थे. Also Read - DDE Corridor: दिल्ली से देहरादून सिर्फ 2.30 घंटे में, मेरठ से लेकर हरिद्वार तक चमकेगी बीच के शहरों की सूरत

एक अन्य ट्वीट में मोदी ने कहा, “जी20 शिखर सम्मेलन में मैंने प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और हमारे ग्रह के प्रति विश्वास रखने के लिए एक नया ग्लोबल इंडेक्स विकसित करने की जरूरत को सामने रखा.” Also Read - Omicron Variant का खतरा: केंद्र सरकार ने की हाई लेवल मीटिंग, इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर निर्णय की फि‍र समीक्षा कर सकता है भारत

मोदी ने कहा, “हमारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आने से समुदायों को संकट से सामूहिक रूप से और आत्मविश्वास के साथ लड़ने में मदद मिलेगी. हमारे ग्रह पृथ्वी के प्रति भरोसे की भावना हमें स्वस्थ और समग्र जीवन शैली के लिए प्रेरित करेगी.”

एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रतिभा पूल बनाने के लिए मल्टी-स्किलिंग और री-स्किलिंग हमारे कार्यकर्ताओं की गरिमा और लचीलापन को बढ़ाएगी. नई प्रौद्योगिकियों के मूल्य को मानवता के लिए उनके लाभ से मापा जाना चाहिए.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जी20 सम्मेलन में कहा कि कोविड-19 महामारी दुनिया के सामने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी चुनौती और मानवता के इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ है. उन्होंने जी20 के प्रभावी कामकाज में भारत के सूचना प्रौद्योगिकी कौशल की पेशकश की.