नई दिल्ली: समाज कल्याण में लगे संगठन कोरोना वायरस से जुड़े अंधविश्वासों और गलत सूचना को दूर करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. यह बात सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कही. प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्म के नाम पर लोग सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन कर विभिन्न जगहों पर इकट्ठा हो रहे हैं. इसलिए उन्हें सामाजिक दूरी के महत्व के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है ताकि घातक वायरस के प्रसार को रोका जा सके. Also Read - Delhi-Haryana Border: दिल्ली-हरियाणा सीमा पार करने के लिए अब ट्रेवल पास की नहीं होगी जरूरत

समाज सेवा में लगे संगठनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि गरीबों के लिए मूलभूत जरूरतों की व्यवस्था करने में वे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं और रोगियों तथा जरूरतमंदों की सेवा में अपनी चिकित्सा सुविधाओं और स्वयंसेवियों को लगा सकते हैं. Also Read - कोरोना के खिलाफ जंग में हम ही जीतेंगे, दुनिया को हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों से काफी उम्मीद: पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में मोदी के हवाले से बताया गया कि देश अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है और उसे इन संगठनों और उनके संसाधनों की अभी बहुत जरूरत है. Also Read - Coronavirus in Indore Update: मध्य प्रदेश में कोरोना का गढ़ बना इंदौर, 135 लोगों की मौत, संक्रमितों की संख्या 3500 के पार

मोदी ने कहा कि वायरस के संक्रमण से उत्पन्न चुनौती से निपटने के लिए देश को अल्प अवधि वाले उपाय और दीर्घ अवधि वाले दृष्टिकोण दोनों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, इन संगठनों की तीन विशिष्टताएं हैं- मानवीय दृष्टिकोण, व्यापक पहुंच और लोगों से जुड़ाव तथा सेवा करने की मानसिकता. उन्होंने कहा, इसलिए उन पर इतना विश्वास किया जाता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कहा करते थे कि गरीबों और पिछड़ों की सेवा करना ही देश की सेवा करना है. बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने मानवता की सेवा में जुटे संगठनों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की.