नई दिल्ली: समाज कल्याण में लगे संगठन कोरोना वायरस से जुड़े अंधविश्वासों और गलत सूचना को दूर करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. यह बात सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कही. प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्म के नाम पर लोग सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन कर विभिन्न जगहों पर इकट्ठा हो रहे हैं. इसलिए उन्हें सामाजिक दूरी के महत्व के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है ताकि घातक वायरस के प्रसार को रोका जा सके. Also Read - दिल्ली में हालात सुधारे, 24 घंटे में 308 लोगों की मौत, 10,489 नए मामले

समाज सेवा में लगे संगठनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि गरीबों के लिए मूलभूत जरूरतों की व्यवस्था करने में वे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं और रोगियों तथा जरूरतमंदों की सेवा में अपनी चिकित्सा सुविधाओं और स्वयंसेवियों को लगा सकते हैं. Also Read - Yuzvendra Chahal के पिता कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद अस्‍पताल में भर्ती, पत्‍नी Dhanashree ने दी जानकारी

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में मोदी के हवाले से बताया गया कि देश अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है और उसे इन संगठनों और उनके संसाधनों की अभी बहुत जरूरत है. Also Read - Covid 19 Emotional Story: कोरोना से मर रही मां के लिए बेटे ने गाया भावुक गाना, फिर नर्स को कहा- धन्यवाद

मोदी ने कहा कि वायरस के संक्रमण से उत्पन्न चुनौती से निपटने के लिए देश को अल्प अवधि वाले उपाय और दीर्घ अवधि वाले दृष्टिकोण दोनों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, इन संगठनों की तीन विशिष्टताएं हैं- मानवीय दृष्टिकोण, व्यापक पहुंच और लोगों से जुड़ाव तथा सेवा करने की मानसिकता. उन्होंने कहा, इसलिए उन पर इतना विश्वास किया जाता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कहा करते थे कि गरीबों और पिछड़ों की सेवा करना ही देश की सेवा करना है. बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने मानवता की सेवा में जुटे संगठनों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की.