हरिद्वार/ हैदराबाद: देश में तेजी से बढ़ रही आबादी पर नियंत्रण लगाने की बात करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव अब एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के निशाने पर आ गए हैं. दरअसल, योग गुरु रामदेव ने रविवार को हरिद्वार में देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लाए जाने का पक्ष लेते हुए हुए था कहा कि दो बच्चों के बाद पैदा होने वाले बच्चे को मताधिकार, चुनाव लड़ने के अधिकार और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना चाहिए. इस बयान के दूसरे दिन सोमवार को ओवैसी ने ट्वीट में लिखा, ”लोगों को असंवैधानिक बातें कहने से रोकने के लिए कोई स्पष्ट कानून नहीं है, लेकिन रामदेव के विचारों पर बेवजह ध्यान क्यों दिया जाता है ?” ओवैसी ने ट्वीट किया, वह योग कर सकते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि नरेन्द्र मोदी सिर्फ इसलिए अपना मताधिकार खो देंगे, क्योंकि वह तीसरी संतान हैं.

बता दें कि ओवैसी हाल के लोकसभा चुनाव में हैदराबाद संसदीय सीट से फिर से चुनाव जीत गए हैं.

देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत: रामदेव
योग गुरू बाबा रामदेव ने रविवार को देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिये कानून लाये जाने की वकालत करते हुए कहा कि दो बच्चों के बाद पैदा होने वाले बच्चे को मताधिकार, चुनाव लड़ने के अधिकार तथा अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना चाहिए. जिस तरह से देश की जनसंख्या बढ़ रही है उसके लिए भारत तैयार नहीं है और किसी भी दशा में भारत की आबादी 150 करोड से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

तीसरे बच्‍चे को वोट और चुनाव लड़ने का अधिकार न हो
स्वामी रामदेव ने कहा था, ‘यह तभी हो सकता है जब देश में ऐसा कानून बने कि जो भी दो से ज्यादा बच्चे पैदा करे तो उसके बच्चे को वोट देने का अधिकार न हो, चुनाव लड़ने का अधिकार न हो और सरकार की ओर से जो सुविधायें दी जाती हैं, उन सभी सुविधाओं से उसे वंचित कर दिया जाए’. ( इनपुट : एजेंसी)