नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आने के करीब एक सप्‍ताह बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और जनता के धन की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मोदी ने वित्तीय संस्थानों के प्रबंधन व निगरानी निकायों से कहा है कि वे अपना काम पूरी कर्मठता से करें ताकि इस तरह के घपलों को रोका जा सके.

उल्लेखनीय है कि देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक पीएनबी इन दिनों 11,400 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले के कारण चर्चा में है. अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी इस मामले में मुख्य आरोपी है. अनेक जांच एजेंसियां इस मामले की जांच में लगी हैं।

एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह सरकार वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और कड़ी कार्रवाई करती रहेगी.’ मोदी ने कहा, ‘प्रणाली (सरकार) सार्वजनिक धन की लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी.’

प्रधानमंत्री ने हालांकि अपने संबोधन में नीरव मोदी या पंजाब नेशनल बैंक का नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि वित्तीय संस्थानों के प्रबंधन, ऑडिटरों व नियामकों को अपना काम पूरे समर्पण से करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों को नियम व नीतियां बनाने तथा उच्च आचार कायम रखने का काम मिला है, मैं उन लोगों से अपील करना चाहूंगा कि वे अपना काम पूरे समर्पण व कर्मठता से करें.’

वित्तीय अनियमितताओं के अलावा प्रधानमंत्री महंगाई पर भी खुलकर बोले. उन्होंने स्पष्ट कहा कि महंगाई बढ़ती है तो बढ़े, देखने वाले ये भी देखें कि किसानों को बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हर हाल में किसानों को डेढ़ गुना एमएसपी देने के पक्ष में है. देश में इससे महंगाई बढ़ने का भी यदि आकलन है तो किसानों को उनके हक का पैसा दिलाया जाएगा. मोदी ने कहा कि किसानों की खेती में लागत जोड़ने के लिए किसान के परिश्रम का मूल्य, मवेशी खरीदने अथवा किराए पर लेने का खर्च, बीज की खर्च, खाद, सिंचाई, लैंड रेवेन्यू, ब्याज, लीज की जमीन का किराया जैसे सभी खर्चों को शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, उसकी लागत का मूल्यांकन करने के लिए किसान और उसके परिवार के सदस्यों का परिश्रम मूल्य भी जोड़ा जाएगा.