बलांगीर(ओडिशा): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र की पिछली सरकारों पर ‘सल्तनत’ की तरह शासन करने और देश की समृद्ध विरासत की उपेक्षा करने का आरोप लगाया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए ही नहीं, बल्कि प्राचीन पहचान को आधुनिकता के साथ जोड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध है.

मोदी ने पश्चिमी ओडिशा में स्थित बलांगीर में भाजपा की एक रैली में कहा, ‘पिछली सरकारों ने सल्तनतों की तरह शासन किया और हमारी समृद्ध विरासत की उपेक्षा की. उन्होंने हमारी गौरवशाली सभ्यता की उपेक्षा की और उसके संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संपत्ति है लेकिन कुछ लोग इसे समझे बिना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पूर्व में अमूल्य प्राचीन कलाकृतियां एवं प्रतिमाएं चुराई गईं और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कीमती प्रतिमाओं को विदेश से वापस लाने के लिए ठोस कदम उठा रही है. मोदी ने कहा, ‘पिछले चार वर्षों में ऐसी कई प्रतिमाएं वापस लाई गई हैं.’ प्रधानमंत्री मोदी ने रैली को संबोधित करने से पहले ओडिशा में 1,550 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्धाटन किया.

(इनपुट-भाषा)